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क्या 1000 करोड़ के फ्रॉड में इस कपंनी को बचा रही है दिल्ली पुलिस... अरेस्ट न कर बेल दिलाने की है तैयारी?

Published: Sat, 03 Jan 2026 06:17 PM (IST)Updated: Sat, 03 Jan 2026 07:11 PM (IST)

दिल्ली पुलिस 1000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी मोहित गोगिया की पत्नी श्वेता गोगिया और राम ...और पढ़ें

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राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। बैंकों की नीलामी वाली प्राॅपर्टी के नकली दस्तावेज बनवाकर लोगों को आधी कीमत में बेचने और विदेशी लग्जरी कारें भी आधी कीमत में बेचने का झांसा देकर करीब 200 लोगों से एक हजार करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने के मामले में दिल्ली पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पा रही है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मुख्य आरोपी मोहित गोगिया की पत्नी श्वेता गोगिया व बाबा जी फाइनेंस कंपनी के मालिक राम सिंह को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। आरोप है कि दोनों को दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल जाने के लिए पुलिस कहीं न कहीं उन्हें जानबूझ कर ढील दे रही है।

सूत्रों की मानें तो इस मामले में गोगिया सिंडिकेट ने सबसे अधिक करीब 100 करोड़ से अधिक रुपये की धोखाधड़ी यूनिटी कंपनी के साथ की थी। जिससे पैसों के बल पर यूनिटी कंपनी ने पंजाब व मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक मोहित गोगिया एंड कंपनी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करवा दिए।

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एक कंपनी को दिलाई हड़पी गई रकम, आम लोग परेशान

बताया जाता है कि पुलिस के जरिये दबाव बना यूनिटी के मालिक कृष्ण अग्रवाल ने मोहित गोगिया से 100 करोड़ से अधिक की प्राॅपर्टी व दो महंगी कारें अपने नाम करवा भी लिया है। गोगिया एंड कंपनी से और अधिक पैसे वसूलने व समझौते की डील जारी है।

इसलिए पुलिस अब तक श्वेता गोगिया और राम सिंह को नहीं पकड़ रही है। मोहित गोगिया को जल्द जमानत दिलाने के लिए भी यूनिटी कंपनी से कई तरह के समझौते की डील जारी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूूनिटी कंपनी ने हरियाणा में गुरुग्राम आदि कई जगहों पर मोहित गोगिया की सात प्राॅपर्टी व उसकी दो मर्सिडीज बेंज कारें अपने नाम कर लिया है।

पुलिस ने यूनिटी कंपनी के मालिक को धोखाधड़ी की बड़ी रकम तो दिलवा दी लेकिन बड़ी संख्या में अन्य पीड़ित कई साल से दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा, क्राइम ब्रांच, जिला पुलिस के अलावा हरियाणा, पंजाब व भाेपाल पुलिस के चक्कर काट रहे हैं।

पुलिस उनके पैसे वापस नहीं दिलवा पा रही है। केवल यूनिटी कंपनी के पैसे दिलवाने में दिल्ली पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाई। पिछले नौ साल से कई पीड़ित ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में सात केस दर्ज करवाया।

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अब तक पीड़ितों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं 

लेकिन अबतक पुलिस ने किसी भी पीड़ित की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिससे आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारियों व तत्कालीन आईपीएस अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि गोगिया के दुबई स्थित बैंक खाते में जमा 1.80 करोड़ रुपये पुलिस ने भारत सरकार की मदद सो सीज करवा दिया है। बताया जा रहा है कि गोगिया के कहने पर राम सिंह ने 109 करोड़ रुपये हवाला के जरिये दुबई भिजवाया था।

उसने अपना सर्विस चार्ज लेकर ऐसा किया था। उस रकम से गोगिया ने दुबई में तीन फ्लैट खरीदे। वह अपने बच्चों के साथ वहीं रहना चाहता था। गोगिया एंड कंपनी के खिलाफ कई राज्यों में 16 केस होने का पता चला है। हर मामले में पुलिस गिरफ्तार पांच आरोपितों को बारी-बारी से रिमांड लेगी।

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