दिल्ली एयरपोर्ट पर कोहरे से राहत, कैट-III लैंडिंग सिस्टम से सुधरे हालात
नए साल के पहले दिन इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घने कोहरे के बावजूद स्थिति में सुधार देखा गया। ...और पढ़ें
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आइजीआई एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार करते यात्री। फाइल फोटो
HighLights
नए साल पर एयरपोर्ट पर कोहरे से स्थिति सुधरी
300 से अधिक उड़ानें विलंबित, चार निर्धारित उड़ानें रद
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। साल 2026 के पहले दिन भी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआई) हवाई अड्डे पर घने कोहरे का साया बना रहा। हालांकि, 31 दिसंबर के 148 रद के मुकाबले बृहस्पतिवार को छाए घने कोहरे की स्थिति में काफी सुधार दर्ज किया गया है। बेहतर तकनीक और विजिबिलिटी में सुधार की वजह से हवाई परिचालन बुधवार के मुकाबले बेहतर रहा।
कोहरे के दौरान कम दृश्यता के चलते तड़के सुबह के समय करीब 300 से अधिक उड़ानें अपने निर्धारित समय से देर से उड़ान भरी। वैसे बृहस्पतिवार को 4 शेड्यूल्ड (पहले से निर्धारित) उड़ानें रद करनी पड़ीं, इसमें कोई भी ऑपरेशन रद (तकनीकी खराबी के कारण) नहीं हुई है। रद उड़ानों में मुख्य रूप से वाराणसी, धर्मशाला, जोधपुर और बीकानेर की उड़ाने थी। विलंबित उड़ानों का समय 15 मिनट से लेकर अधिकतम साढे तीन घंटों तक का रहा।
एआई तकनीक कैट-III ने दी राहत
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंस्टॉल एआई तकनीक कैट-III लैंडिंग सिस्टम की वजह से रद हो रही उड़ानों की संख्या अब नाममात्र की रह गई है। साथ ही, इस उन्नत तकनीक के कारण विलंबित उड़ानों की संख्या में भी काफी कमी आई है। इस सिस्टम ने कोहरे के बावजूद विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की है।
गौरतलब को कि कैट-III लैंडिंग सिस्टम एक उन्नत इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम है जो विमान को बेहद कम दृश्यता (50 मीटर तक) में सुरक्षित लैंड करने में मदद करता है। इसमें रेडियो सिग्नल और हाई-इंटेंसिटी लाइटिंग का उपयोग किया जाता है, जिससे पायलट को रनवे देखे बिना भी सटीक दिशा और ऊंचाई मिलती है। यह तकनीक घने कोहरे के दौरान उड़ानों को रद होने से बचाती है।
