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    खुद की जान नहीं ले सका तो परिवार को कर दिया खत्म! पहले भी 4-5 बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था यशवीर

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:17 PM (IST)

    पूर्वी दिल्ली में कर्ज और बेरोजगारी से परेशान यशवीर ने अपनी मां, बहन और भाई की हत्या कर दी। उसने नशीला पदार्थ मिलाकर लड्डू खिलाकर वारदात को अंजाम दिया ...और पढ़ें

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    कर्ज और बेरोजगारी से परेशान यशवीर ने अपने ही परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली।

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। कर्ज और बेरोजगारी से परेशान आरोपित यशवीर जब खुद की जान नहीं ले सका तो पूरे परिवार को ही खत्म कर डाला। पुलिस को अनुसार यशवीर चार-पांच बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। हर बार उसकी जान बच गई। शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि रविवार को जब घर में एक बार फिर झगड़ा हुआ तो उसने परिवार को खत्म करने की ठान ली।

    झगड़े के बाद रविवार शाम को ही पत्नी सोनी मायके चली गई। इसके बाद यशवीर का गुस्सा और बढ़ गया। सुबह वह बाहर गया और लड्डू और नशीला पदार्थ लेकर आया। मां, बहन और भाई को खिलाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस आरोपित की पत्नी को बुलाकर उससे भी पूछताछ कर रही है।

    पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपित कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसे लेकर अक्सर घर में झगड़े होते थे। वह करीब तीन माह से बेरोजगार था। सूत्र यह भी बताते हैं कि कर्जदार पैसे देने का दबाव डाल रहे थे। इसके चलते उसने चार-पांच बार आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि उसने ये कोशिश कब और कहां की थी।

    माना जा रहा है कि रविवार को झगड़े के बाद वह काफी गुस्से में था और तभी उसने पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बना ली थी। पत्नी झगड़े के बाद मायके चली गई इसलिए उसकी जान बच गई। अगर वह घर पर होती तो आरोपित उसकी भी हत्या कर देता। पुलिस के अनुसार यशवीर की पत्नी सोनी गुरुग्राम में निजी संस्थान में नौकरी करती है।

    पड़ोसी बोले, नहीं पता था होगी आखिरी राम-राम

    पड़ोसियों ने बताया कि यशवीर के अलावा पूरा परिवार बेहद धार्मिक था। कविता, बेटी मेघना और बेटा मुकुल रोज सुबह कालोनी में स्थित श्री श्याम मंदिर और बालाजी मंदिर जाते थे। कविता रोज बालकनी में रखी तुलसी को पानी देती और उसी समय सामने रहने वाले पड़ोसियों ने उनकी राम-राम होती।

    स्थानीय निवासी कुलदीप ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि सोमवार सुबह मंदिर से लौटते समय की गई राम-राम आखिरी बार होगी। कुछ समय पहले उनके मकान मालिक कैलाश शर्मा ने घर पर हवन करवाया था, उस दौरान भी कविता और उनकी बेटी शामिल हुई थी।

    सिगरेट लेता और बाइक से चला जाता था यशवीर

    पास के दुकानदार ने बताया कि यशवीर अक्सर उनकी दुकान पर सिगरेट लेने के लिए आता था। इसके बाद वह बाइक पर बैठकर निकल जाता था। हालांकि पिछले कुछ दिन से वह अपनी बाइक पर नहीं बल्कि बाइक कैब करके जा रहा था। इसके बाद देर रात लगभग दस बजे के आसपास ही घर लौटता था। हालांकि वह अपने भाई मुकुल को भी कई बार स्कूल छोड़ने जाता था।

    पुलिस कर रही जांच, नशे में तो नहीं दिया वारदात को अंजाम

    आरोपित ने पुलिस को बताया है कि उसने नशीला पदार्थ खिलाकर ही वारदात को अंजाम दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह भी नशा करता था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपित ने नशे में वारदात को अंजाम तो नहीं दिया। आरोपित की भी मेडिकल जांच करवाई गई है।

    पिता से भी हो चुका था झगड़ा

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि यशवीर का उसके पिता के साथ भी झगड़ा हो चुका था। पिता ट्रक ड्राइवर थे और अक्सर बाहर रहते थे लेकिन लौटने पर भी वह पानीपत स्थित अपने गांव ही जाते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते एक साल में पिता धर्मवीर एक या दो बार ही यहां आए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि पिता भी यशवीर की गलत आदतों से परेशान थे।

    मनोचिकित्सक बोले, लंबे समय से दिमाग में चल रही थी प्लानिंग

    मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी के अनुसार इस प्रकार की घटना अक्सर मन के गुबार की वजह से होती है। यशवीर के अलावा उसकी बहन, उसकी पत्नी सभी परिवार को कमाने वाले सदस्य थे। ऐसे में बेरोजगार और कर्ज के चलते अक्सर विवाद होता होगा। इससे वह खुद को उनसे कमजोर या हीन भावना से ग्रसित हो सकता है। हीन भावना के चलते ही उसने सभी को खत्म करके उनपर अपना गुस्सा उतारने की योजना काफी समय पहले ही बना ली होगी। रविवार को जब झगड़ा हुआ तो लंबे समय से चल रही प्लानिंग को उसने अंजाम दे डाला।

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