दिल्ली के इस डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार खत्म करना सरकार के लिए चुनौती, 3 साल में 5 अधिकारी रिश्वत लेते धरे गए
दिल्ली में सब-रजिस्ट्रार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं, पिछले तीन सालों में पांच अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामलों में ...और पढ़ें

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली के सब-रजिस्ट्रारों से विवाद दूर नहीं हो पा रहा है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर पिछले तीन साल में पांच पर कार्रवाई हो चुकी है। दो को तो सीबीआई ने ही रिश्वत मामले में दबोच लिया।
एक मामले में कार्यालय के बाहर सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए डीड राइटर दलाल के बाद सब-रजिस्ट्रार काे पद से हटाया गया और अब कापसहेड़ा के सब-रजिस्ट्रार काे भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किया गया है।
इन मामलों काे देखते हुए अब दिल्ली सरकार ने निर्देश दिया कि इनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप मिलने पर गंभीरता से जांच की जाए और बगैर देर किए सख्त कार्रवाई की जाए।
महिला अधिकारी नियुक्त कीं, वे भी रिश्वत लेते पकड़ी गईं
बता दें कि सब-रजिस्ट्रार के पद की इतनी अहमियत रही है कि इस पद पर लगने के लिए पूर्व में अधिकारी पहुंच का इस्तेमाल करते रहे हैं। इन सबके बीच दिल्ली में ये पद उस समय चर्चा में आ गए थे, जब पूर्व की सरकार के समय 22 दिसंबर 2022 को दिल्ली के सभी 22 सब रजिस्ट्रार पदों पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
माना गया था कि महिला अधिकारियों की नियुक्ति के बाद जनता के काम आसानी से हो सकेंगे और इन कार्यालयों से भ्रष्टाचार दूर होगा। दरअसल इस व्यवस्था से कुछ माह पहले ही सब-रजिस्ट्रार को लेकर दो बड़े विवाद हुए थे।
पहले 24 जून 2022 को हौज खास क्षेत्र के सब-रजिस्ट्रार को एक निजी व्यक्ति की मिलीभगत से डीडीए की प्राइम लोकेशन की भूमि को ट्रांसफर करने के लिए राजस्व रिकाॅर्ड की जालसाजी से जुड़े गंभीर कदाचार और भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किया गया था। इस मामले में इस क्षेत्र के रिकार्ड रूम प्रभारी और कानूनगो रमेश कुमार को भी निलंबित किया गया था।
बाहर का शख्स रखकर चलता है रिश्वत का खेल
वहीं 22 सितंबर 2022 काे नजफगढ़ के सब-रजिस्ट्रार को सीबीआई ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के बाद से व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए गए थे। मगर महिला अधिकारियों की तैनाती को उस समय झटका लगा जब मई 2023 में लिबासपुर के सब रजिस्ट्रार पद पर तैनात महिला अधिकारी को सीबीआई ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
इन सब रजिस्ट्रार ने कार्यालय में एक प्राइवेट आदमी को रखा हुआ था जो रिश्वत के लिए डील करता था। दलाल को 70000 की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया था, उसी के बाद महिला सब रजिस्ट्रार को गिरफ्तार किया गया था।
अब सरकार दिख रही है सख्त
गत जून में नंद नगरी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर काम कराने के लिए दलाली करते हुए एक डीडराइटर काे सीबीआई की टीम गिरफ्तार किया था। हालांकि जिस शिकायत पर सीबीआई ने छापा मारा था। उस शिकायत में मुख्य रूप से उस समय नंद नगरी की एक सब-रजिस्ट्रार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। दिल्ली सरकार ने इसके बाद सब-रजिस्ट्रार को पद से हटा दिया था।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि जल्द ही सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की पूरी व्यवस्था बदलने जा रही है। सरकार का प्रयास इन कार्यालयों से संबंधित सभी व्यवस्थाएं ऑनलाइन कर देने की है। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि जिस भी अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिलती है उस पर सख्त कार्रवाई होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।