दिल्ली में मछली खाते समय गले में फंसी 3 सेमी लंबी हड्डी, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से निकाली
पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी निवासी एक 50 वर्षीय व्यक्ति के गले में मछली खाते समय तीन सेंटीमीटर लंबी हड्डी फंस गई। उन्हें बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मे ...और पढ़ें

एंडोस्कोपी के बाद गले से निकाली गई मछली की हड्डीसौ. अस्पताल
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। मछली के मांस का सेवन करते समय एक व्यक्ति के गले में लगभग तीन सेंटी मीटर लंबा हड्डी का टुकड़ा फंस गया। घंटों तक हड्डी जीभ के पिछले हिस्से और वैकेनुला में फंसी रही। बाद में पीड़ित को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंडोस्कोपी कर गले से मछली की हड्डी को निकाला गया।
शनिवार रात पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी के रहने वाले 50 वर्षीय व्यक्ति को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के ईएनटी विभाग लाया गया। पीड़ित व्यक्ति के स्वजन ने बताया कि मछली का मांस खाते समय गलती से मछली की हड्डी निगल ली। गले में दर्द, जलन और निगलने में दिक्कत के कारण सो नहीं पा रहा है।
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ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पंकज कुमार ने बताया कि मरीज़ की एंडोस्कोपिक जांच में पता चला कि मछली की हड्डी जीभ के पिछले हिस्से और वैलेकुला में फंसी हुई थी। एंडोस्कोपी का इस्तेमाल करके मछली की हड्डी को बिना 10 मिनट में सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
तीन सेंटीमीटर थी लंबाई
मछली की हड्डी की लंबाई लगभग तीन सेंटीमीटर थी। अगर इलाज में देरी होती तो जोखिम और बढ़ सकता था। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में इन्फेक्शन, फोड़ा या बाहरी चीज़ के शरीर में फैलने जैसी दिक्कतों को रोकने के लिए शुरुआती एंडोस्कोपिक इलाज बहुत ज़रूरी है।
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डा. पंकज कुमार ने बताया कि मछली एक स्वादिष्ट और सेहतमंद खाना है, लेकिन इसे खाते समय बहुत सावधान रहना चाहिए। मछली की हड्डी निगलने का खतरा रहता है।

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