Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    दिल्ली में कड़ाके की ठंड बन गई काल,15 दिन में 44 बेघरों की मौत; सिस्टम की नाकामी से सवालों में सरकार

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 08:05 PM (IST)

    दिल्ली में कड़ाके की ठंड ने 15 दिनों में 44 बेघरों की जान ले ली है। इनमें सर्वाधिक 17 मौतें उत्तरी जिले में और सात मध्य जिले में हुईं। रैन बसेरों में ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    सर्वाधिक 17 मौतें उत्तरी जिले में और सात मध्य जिले में हुईं। आर्काइव

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में जारी कड़ाके की ठंड बेघर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीते 15 दिनों के भीतर ठंड के चलते 44 बेघरों की मौत दर्ज की गई है। मृतकों में सभी पुरुष शामिल हैं, जो प्रवासी श्रमिक और बेघर हैं।

    आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 17 मौतें उत्तरी जिले में हुई हैं, जबकि मध्य जिले में सात बेघरों ने दम तोड़ा है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी ठंड से मौत की खबरें सामने आई हैं, जिसने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    फ्लाईओवरों के नीचे, फुटपाथों पर और सड़कों के किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बेघर लोग भीषण सर्दी में सबसे अधिक प्रभावित हैं। ठंड से बचाव के लिए हीटर, पर्याप्त कपड़े, कंबल और आश्रय न मिलने के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। कई मामलों में बीमार और बुजुर्ग बेघर समय पर इलाज और गर्म स्थान न मिलने से दम तोड़ रहे हैं।

    winter death 1

    दिल्ली सरकार की ओर से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। बेघरों का कहना है कि कई रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कहीं जगह की कमी है तो कहीं साफ-सफाई और सुरक्षा की स्थिति खराब है। कुछ रैन बसेरों में देर रात पहुंचने पर प्रवेश नहीं मिलता, जिसके चलते मजबूरन लोगों को खुले में सोना पड़ता है।

    रैन बसेरे बने नशेड़ियों के अड्डे

    दिल्ली सरकार के शहरी आश्रय बाेर्ड (डूसिब) द्वारा संचालित अधिकतर रैन बसेरे नशेड़ियों व शराबियों का अड्डा बने हुए हैं। यह लोग गिरोह बनाकर रैन बसेरे में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों व बेघरों को निशाना बनाते हैं और उनका सामान चोरी करते हैं।

    इसके अलावा बदमाशी दिखाकर उन्हें ब्लेड व अन्य धारदार हथियार से डराकर रखते हैं, जिससे बेघर उनके खौफ के चलते रैन बसेरे में रुकने के बजाये बाहर ही अपना गुजर बसर करने को मजबूर होते हैं।

    winter death 3

    जिला बेघरों की मौतें
    उत्तर 17
    मध्य 7
    उत्तर-पश्चिम 4
    पश्चिम 4
    दक्षिण-पश्चिम 2
    उत्तर-पूर्व 2
    शाहदरा 2
    दक्षिण-पूर्व 2
    नई दिल्ली 2
    उत्तर रोहिणी 1
    दक्षिण 1

    winter death 2

    किस थाना क्षेत्र में कितने मिले शव

    क्षेत्र / थाना संख्या
    कश्मीरी गेट 7
    सिविल लाइंस 5
    जामा मस्जिद 2
    पहाड़गंज 2
    सराय रोहिल्ला 1
    सदर बाजार 1
    बुराड़ी 1
    कोतवाली 1
    मौरिस नगर 1
    दरियागंज 1
    चांदनी महल 1
    कमला मार्केट 1
    आदर्श नगर 1
    मॉडल टाउन 1
    केशवपुरम 1
    मुखर्जी नगर 1
    मोती नगर 1
    पंजाबी बाग 1
    कीर्ति नगर 1
    ख्याला 1
    सफदरजंग एन्क्लेव 1
    आरकेपुरम 1
    वेलकम 1
    न्यू उस्मानपुर 1
    गांधी नगर 1
    जीटीबी एन्क्लेव 1
    कालकाजी 1
    बदरपुर थाना 1
    मंदिर मार्ग 1
    द्वारका सेक्टर-23 1
    उत्तर रोहिणी 1
    फतेहपुर बेरी 1

    यह भी पढ़ें- दिल्ली के युवाओं में विकसित होगी पढ़ने की आदतें, सभी विधानसभा क्षेत्रों में खुलेंगी कम्युनिटी लाइब्रेरी