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    ...15 मिनट तक जिंदा थे वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह, BMW हादसे में 400 पेज की चार्जशीट से खुलासा

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:03 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने पिछले साल हुए दिल्ली कैंट बीएमडब्ल्यू हादसे में पटियाला हाउस कोर्ट में 400 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि वित् ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र धौलाकुआं के पास पिछले वर्ष सितंबर में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में 400 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। आरोपपत्र में कहा गया है कि हादसे में जान गंवाने वाले वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह दुर्घटना के बाद कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे।

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    ऐसे में यदि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो उनकी जिंदगी बचाई जा सकती थी। पुलिस ने आरोप लगाया है कि आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ ने जानबूझकर पीड़ित को जरूरी चिकित्सा सहायता पहुंचाने में देरी की, जिससे ट्रामा केयर का गोल्डन आवर बर्बाद हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, हादसे के पास दिल्ली कैंट हास्पिटल या एम्स ट्रामा सेंटर जैसे बड़े अस्पताल महज 10-15 मिनट की दूरी पर थे। लेकिन आरोपित गगनप्रीत ने घायलों को 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित नुलाइफ हाॅस्पिटल ले जाने का फैसला किया, जहां पहुंचने में 23 मिनट लग गए।

    आरोपपत्र में नुलाइफ को एक छोटा दो मंजिला नर्सिंग होम बताया गया है, जहां इमरजेंसी सुविधाएं सीमित हैं। पुलिस का आरोप है कि आरोपित के इस कदम से ट्रामा केयर का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो गया। इसके अलावा, हादसे के कुछ मिनट बाद ही मौके पर पहुंची एम्बुलेंस (ड्राइवर और पैरामेडिक सहित) की मदद को आरोपित ने ठुकरा दिया।

    आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि एम्बुलेंस स्टाफ की कोई गलती नहीं थी, बल्कि आरोपी ने जानबूझकर मदद लेने से इनकार कर इलाज में देरी की।

    कुछ पहलुओं पर जांच जारी

    पटियाला हाउस कोर्ट में मजिस्ट्रेट जज अंकित गर्ग के समक्ष दाखिल इस चार्जशीट में कुछ पहलुओं की जांच, जैसे मेडिकल दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़, अभी जारी है। पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि गगनप्रीत मक्कड़ का नुलाइफ हाॅस्पिटल से दूर का पारिवारिक संबंध हैं।

    अस्पताल को जारी नोटिस से यह लिंक सामने आया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अस्पताल उनके पिता से जुड़ा है। पुलिस को शक है कि मेडिकल रिकाॅर्ड्स में हेरफेर की कोशिश की गई, हालांकि इस संबंध में दस्तावेजी सबूत अभी इकट्ठा किए जा रहे हैं। आरोपी पर यह भी आरोप है कि मामूली चोटें होने के बावजूद उन्होंने खुद को आईसीयू में भर्ती कराया ताकि जांच को गुमराह किया जा सके।

    14 सितंबर को हुआ था हादसा

    पिछले वर्ष 14 सितंबर को दिन में करीब डेढ़ बजे रिंग रोड पर दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास यह हादसा हुआ। गगनप्रीत मक्कड़ की बीएमडब्ल्यू एक्स 5 कार कथित तौर पर 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी, जबकि उस सड़क पर स्पीड लिमिट सिर्फ 50 किमी प्रति घंटे है।

    कार कंपनी के अनुसार इतनी तेज रफ्तार से कार पर काबू पाना असंभव था। हादसे के समय कार मेट्रो पिलर से टकराई, पलट गई और हरि नगर निवासी नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से जा भिड़ी। इस टक्कर में नवजोत सिंह की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सहित तीन अन्य लोग घायल हो गए।

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