दिल्ली की कोर्ट ने सहकर्मी की हत्या मामले में रमेश को ठहराया दोषी, सजा पर 31 जनवरी को होगी सुनवाई
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने 2019 के मदनपुर फैक्ट्री हत्याकांड में एक कर्मी रमेश को दोषी ठहराया है। रमेश ने जूते की फैक्ट्री में विवाद के दौरान सहकर्म ...और पढ़ें

दिल्ली कोर्ट।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वर्ष 2019 में कार्यस्थल पर सहकर्मी की हत्या करने के मामले में एक फैक्ट्री कर्मी को दोषी करार दिया है।
आरोपी रमेश ने मदनपुर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में विवाद के दौरान धारदार औजार से अपने साथी द्वारका प्रसाद की हत्या कर दी थी। अदालत ने कहा कि चश्मदीद गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्य आरोपी की दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निपुण अवस्थी इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। अदालत ने अपने 24 दिसंबर के आदेश में कहा कि चश्मदीदों और सार्वजनिक गवाहों के बयान के विश्लेषण से स्पष्ट है कि अभियुक्त रमेश ने ही हत्या की है। इसलिए उसे भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया जाता है।
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 24 सितंबर 2019 को मदीपुर गांव स्थित एक फुटवियर बनाने की यूनिट में हुई थी, जहां आरोपी रमेश और मृतक द्वारका प्रसाद सहित कई मजदूर दिहाड़ी पर काम करते थे। जूते के ऊपरी हिस्से को ठीक से लगाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
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अदालत ने मौके पर मौजूद सहकर्मियों सहित कई गवाहों के बयानों पर भरोसा जताते हुए कहा कि न तो यह घटना दुर्घटनावश हुई और न ही चोटें स्वयं-प्रेरित थीं। अदालत ने माना कि रमेश के पास अपराध करने का स्पष्ट कारण और अवसर दोनों थे। अब अदालत 31 जनवरी को सजा की अवधि तय करने पर सुनवाई करेगी।

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