Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    IPL 2025: खिलाड़ियों पर ही नहीं अंपायरों पर भी छप्पड़ फाड़ कर बरसता है पैसा, एक मैच के मिलते हैं इतने लाख रुपये

    Updated: Fri, 25 Apr 2025 06:20 PM (IST)

    आईपीएल को इंडियन पैसा लीग भी कहा जाता है और इसका कारण ये है कि इस लीग में जमकर पैसों की बारिश होती है। खिलाड़ियों की जेब गरम हो जाती है। लेकिन इसमें सिर्फ खिलाड़ियों की ही फायदा नहीं होता। लीग में अंपायरों पर भी जमकर पैसा बरसता है जिससे वो भी मालामाल हो जाते हैं।

    Hero Image
    आईपीएल में अंपायरों को मिलती है कितनी मैच फीस?

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल को दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग कहा जाता है। यहां जमकर पैसा बरसता है और इसलिए कुछ लोग तो इसे इंडियन पैसा लीग भी कहते हैं। जब नीलामी होती है तो खिलाड़ियों की जेब में जमकर पैसा जाता है। लेकिन लीग से सिर्फ खिलाड़ी या फिर कोच ही पैसा नहीं कमाते हैं। ये लीग अंपायरों की जेब अच्छे से भरती है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आमतौर पर सभी का ध्यान खिलाड़ियों और कोचेस को मिलनी वारी रकम/फीस पर होता है क्योंकि यही लोग मैच के केंद्र बिंदु में रहते हैं, लेकिन अंपायरों को नजरअंदाज किया जाता है जबकि पूरा मैच अंपायरों ही कराते हैं। अगर अंपायर नहीं होंगे तो फिर मैच का होना नामुमकिन है।

    यह भी पढ़ें- IPL PLayoffs: हार के बाद भी प्लेऑफ में पहुंच सकती है राजस्थान, राहुल द्रविड़-संजू की जोड़ी करेगी चमत्कार!

    कितन है अंपायरों की फीस?

    अंपायर का एक फैसला पूरा मैच का नतीजा बदल सकता है। इसलिए कई बार खिलाड़ी अंपायरों पर जमकर भड़क जाते हैं। अंपायर मैच का वो अहम किरदार है जो लाइमलाइट में कुछ गलत होने पर आता है, लेकिन मैच की हर छोटी-बड़ी चीज उसके बिना अधूरी है। बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट में अंपायरों को उनकी ग्रेड के हिसाब से पैसा देती है। ग्रेड-बी के अंपायर को एक दिन के 30,000 रुपये मिलते हैं। वहीं ग्रेड -ए के अंपायरों को 40,000 प्रति दिन मिलते हैं।

    अगर आईपीएल की बात की जाए तो ये कीमत लाखों में जाती है। इसलिए अंपायर आईपीएल में अंपायरिंग के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल में मैदानी अंपायर को एक मैच के तीन लाख रुपये मिलते हैं। वहीं चौथे अंपायर को एक मैच के दो लाख रुपये मिलते हैं। चौथा अंपायर वो होता है जो बाउंड्री के बाहर रहता है और बाहर की गतिविधियों पर नजर रखता है। इसमें बल्लेबाजों के बैट चैक करने से लेकर समय पर गेंद बदलने के लिए मैदान पर डिब्बा ले जाने तक के काम शामिल हैं।

    रहता है दबाव

    अंपायरों को जितना पैसा एक मैच का आईपीएल में मिलता है वह इतना दबाव भी झेलते हैं। वह जानते हें कि अगर थोड़ी सी भी चूक हो गई तो हर जगह उनकी आलोचना होगी और खिलाड़ी मैदान पर उनसे लड़ेंगे वो अलग। इसलिए अंपायर काफी सतर्क रहते हैं। हर साल आईपीएल में अंपायरों पर सवाल उठते ही हैं। फिर भी अंपायरों की कोशिश होती है कि वह पूरी ईमानदारी से बिना दबाव को अपने ऊपर हावी होने देते हुए काम करें।

    यह भी पढ़ें- RCB vs RR: 50 और 150 एकसाथ, जोश हेजलवुड ने किया अद्भुत कारनामा, ये रिकॉर्ड दिमाग चकरा देगा!