नई दिल्ली, जेएनएन। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)के 12वें सीजन का चैपिंयन जल्द ही मिलने वाला है। रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का मुकाबला मुंबई इंडियंस (MI) से होने वाला है। ऐसे बड़े मैच में टॉस एक महत्वपूर्म भूमिका निभाता है। आइपीएल फाइनल का टॉस से एक खास नाता रहा है। टॉस जीतने वाली टीम अक्सर ट्रॉफी भी उठाती है। ऐसे में दोनों टीम टॉस जरूर जीतना चाहेंगी।

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टॉस बनेगा बॉस
आइपीएल फाइनल को देखें, तो आपको समझ में आ जाएगा कि टॉस कितना महत्वपूर्ण है। अबतक खेले गए 11 फाइनल में 7बार ऐसा हुआ जब टॉस जीतने वाली टीम ने ट्राफी भी उठाई है। तीन सीजन, जिसमें चेन्नई विजेता बनी, टॉस भी उनके पक्ष में गिरा है। वहीं दोबार ऐसे हुआ जब टॉस और फाइनल दोनों ही मुंबई के पक्ष में गए हो। कोलकता और राजस्थान भी एक-एक बार टॉस जीतकर ट्रॉफी उठाई है। चेन्नई ने अबतक किसी भी फाइनल में टॉस गंवाकर मैच नहीं जीता है। ऐसे में टॉस चेन्नई के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।

हैदराबाद में मामला है उल्टा
इस सीजन में हैदराबाद का मैदान टॉस का मामले में एकदम उल्टा है। यहां टॉस हारने वाली टीम इस सीजन ज्यादा फायदे में रही है। इस सीजन खेले गए कुल सात मैचों में सिर्फ एक बार ऐसा हुए है जब टॉस जीतने वाली टीम ने मैच भी अपने नाम किया हो। चेन्नई और मुंबई भी यहां टॉस हार चुकी हैं। अब यह देखना रोचक है कि फाइनल में कौन सा आंकड़ा सटीक साबित होता है।  

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Posted By: Rajat Singh

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