RCB vs PBKS: आरसीबी को ट्रॉफी जिता रजत पाटीदार हुए खास, ऐसा करने वाले बने सिर्फ तीसरे कप्तान
दिग्गज से दिग्गज खिलाड़ी और कप्तान जो काम नहीं कर पाए वो काम रजत पाटीदार ने अपने पहले ही सीजन में कर दिया। आरसीबी का 17 साल का सूखा खत्म हुआ है और इस टीम ने पहली बार आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी उठाई है। इसी के साथ रजत ने एक खास लिस्ट में अपना नाम लिखवा दिया है।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम और फैंस को जिस चमचमाती आईपीएल ट्रॉफी का इंतजार था वो उसे मिल गई है। आईपीएल-2025 का खिताब आरसीबी ने जीत लिया है और इसी के साथ 17 साल से चले आ रहे सूखे को खत्म किया है। आरसीबी को ये खिताब मिला है रजत पाटीदार की कप्तानी में। इस ट्रॉफी के बाद पाटीदार एक खास लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
पाटीदार आरसीबी में बतौर रिप्लेसमेंट आए थे। लवनीथ सिसौदिया के चोटिल होने के बाद उन्हें साल 2022 में टीम में शामिल किया गया। उन्होंने उस सीजन अपने बल्ले का जौहर दिखाया और कमाल की बल्लेबाजी की। इससे पहले 2021 में वह आरसीबी में ही थे, लेकिन अच्छा खेल नहीं दिखा सके थे इसलिए अगले साल टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया था। शायद इसे किस्मत ही कहेंगे कि पाटीदार टीम में आए और फिर बाकी सब इतिहास है।
खास लिस्ट में पाटीदार
इस सीजन पाटीदार को कप्तान बनाया गया। विराट कोहली ने साल 2021 में टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। 2022 में आरसीबी ने फाफ डुप्लेसी को कप्तानी की जिम्मेदारी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। फ्रेंचाइजी ने इस साल उन्हें रिलीज कर दिया और पाटीदार को कमान सौंपी। बतौर कप्तान अपने पहले ही सीजन में पाटीदार ने कमाल किया और टीम को आईपीएल की ट्रॉफी जिता दी। इसी के साथ वह बतौर कप्तान अपने पहले सीजन में आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
पाटीदार से पहले इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न और हार्दिक पांड्या का नाम है। साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी तब राजस्थान रॉयल्स ने शेन वॉर्न की कप्तानी में ये खिताब जीता था। वहीं साल 2022 में जब गुजरात टाइटंस की टीम ने अपना आईपीएल डेब्यू किया था तब हार्दिक पांड्या ने पहली बार कप्तानी करते हुए गुजरात को विजेता बनाया था।
ये लोग नहीं बना पाए चैंपियन
पाटीदार ने वो काम किया है जो दिग्गज से दिग्गज नहीं कर पाए। आईपीएल के पहले सीजन में राहुल द्रविड़ ने आरसीबी की कप्तानी की थी, लेकिन विजेता नहीं बना पाए थे। 2009 में अनिल कुंबले के हिस्से टीम की कप्तानी आई और टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन डेक्कन चार्जर्स से हार गई। 2011 में डेनियल विटोरी ने कप्तानी की और टीम को फाइनल में ले गए। इस बार चेन्नई सुपर किंग्स खिताब के रास्ते में रोड़ा बन गई। विटोरी के बाद कोहली ने टीम की कप्तानी की लेकिन कभी भी खिताब नहीं दिला सके जबकि 2016 में उनकी कप्तानी में टीम ने फाइनल खेला था।
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