नाजुक स्थिति में भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंध, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की राह पर चल सकता है बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते 1947 से खराब हैं लेकिन क्रिकेट की राजनीति में अधिकतर समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) BCCI के साथ ही रहा। पिछले साल आई ...और पढ़ें
-1767459415111.jpg)
सितंबर में बांग्लादेश के दौरे पर जाना था।
अभिषेक त्रिपाठी, जागरणनई दिल्ली : पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश से भी भारत के क्रिकेट संबंध नाजुक स्थिति में पहुंच गए हैं। हालांकि इससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को कोई बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होने वाला है लेकिन इस साल होने वाले टी-20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) कुछ परेशानियां खड़ी करने की कोशिश कर सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में हमेशा भारत के साथ खड़ा रहने वाला बीसीबी अपने रास्ते बदल सकता है।
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते 1947 से खराब हैं लेकिन क्रिकेट की राजनीति में अधिकतर समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) BCCI के साथ ही रहा। पिछले साल आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के मेजबान पाकिस्तान नहीं जाने के निर्णय के बाद टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में करवाना पड़ा। इससे पहले पाकिस्तान की मेजबानी में हुए एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल में कराया गया।
इसके बाद पीसीबी भारत के विरोध में हो गया। इसका नतीजा दुबई में हुए एशिया कप में देखने को मिला। भारत ने पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से विजेता ट्रॉफी लेने से इन्कार किया और नकवी ट्रॉफी लेकर ही भाग गए। हाल के समय में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक गलबहियों के बीच बीसीबी ने पहली बार बीसीसीआई को छोड़कर पीसीबी का दामन पकड़ा था। अब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) से हटाने के फैसले के बाद ये दूरियां और बढ़ जाएंगी।
भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक संकट के चलते दोनों देशों के क्रिकेट संबंध पाकिस्तान जैसी स्थिति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। मौजूदा हालात में द्विपक्षीय क्रिकेट पर संकट मंडरा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में दोनों टीमें केवल वैश्विक टूर्नामेंटों में तटस्थ स्थलों पर ही आमने-सामने दिखाई दें।
सितंबर में करना था मेजाबनी
बीसीबी ने शुक्रवार को कहा था कि सितंबर के पहले सप्ताह में वह भारत की मेजबानी करेगा, जिसमें तीन वनडे और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाने थे। पिछले साल भी यह सीरीज होनी थी लेकिन बीसीसीआई ने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए बांग्लादेश का दौरा एक साल के लिए स्थगित कर दिया था।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के बीच भारतीय टीम का इस साल भी पड़ोसी देश का दौरा करना मुश्किल लग रहा है। बीसीसीआई सूत्र ने कहा कि इस दौरे पर अंतिम निर्णय से पहले भारत सरकार की अनुमति ली जाएगी। समय आने पर भारत सरकार के फैसले से बीसीबी को अवगत कराया जाएगा।
टी-20 विश्व कप को लेकर सख्त हो सकता है बीसीबी
रहमान को आईपीएल 2026 के अनुबंध से रिलीज करने के बाद बीसीबी भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप के अपने मैचों के आयोजन स्थल बदलने के लिए आईसीसी से संपर्क करने का फैसला किया है। यह विश्व कप भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होना है। कार्यक्रम के अनुसार, बांग्लादेश को सात फरवरी को वेस्टइंडीज, नौ फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के विरुद्ध कोलकाता के ईडन गार्डेंस में मैच खेलने हैं, जबकि 17 फरवरी को नेपाल के विरुद्ध मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना है।
आयोजन स्थल बदलने की मांग कर सकता
बीसीसीआई द्वारा मुस्तफिजुर को भारत में खेलने की अनुमति न दिए जाने के बाद बीसीबी अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आयोजन स्थल बदलने की मांग कर सकता है। बीसीबी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई के फैसले के बाद यह मामला आईसीसी के पाले में डाला जाएगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
विश्व कप में भागीदारी आईसीसी का विषय
अधिकारी ने कहा कि मुस्तफिजुर को आईपीएल से हटाए जाने पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि यह उनका आंतरिक मामला है, लेकिन विश्व कप में भागीदारी आईसीसी का विषय है और सभी पहलुओं पर विचार कर अंतिम फैसला क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था का होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बीसीबी जल्द से जल्द आईसीसी के समक्ष टी-20 विश्व कप के आयोजन स्थल का मुद्दा उठाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान ने भी इसी तरह भारत में खेलने से इन्कार किया था। मालूम हो कि जब से बांग्लादेश से प्रधानमंत्री शेख हसीना को जबरदस्ती अपदस्थ किया गया और वहां पर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार आई तब से दोनों देशों के कूटनीति संबंध बिगड़े हुए हैं।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।