IND vs ENG: भारतीय टीम का लॉर्ड्स में हुआ बेड़ागर्क, जीती हुई बाजी गंवाने के ये रहे 5 मुजरिम
भारतीय टीम एजबेस्टन की जीत की लय लॉर्ड्स में कायम नहीं रख सकी। शुभमन गिल के नेतृत्व वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों तीसरे टेस्ट में 22 रन की शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी के साथ मेहमान टीम पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-2 से पिछड़ गई है। टीम इंडिया को लॉर्ड्स टेस्ट जीतने के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम एजबेस्टन में मिली जीत की लय को लॉर्ड्स में बरकरार नहीं रख सकी। शुभमन गिल के नेतृत्व वाली भारतीय टीम को तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों 22 रन की शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-2 से पिछड़ गई है।
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टेस्ट 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। गौरतलब है कि लॉर्ड्स टेस्ट विवादों से भरा रहा। ड्यूक बॉल से लेकर इंग्लिश बल्लेबाजों के समय बर्बाद करने व भारतीय टीम के दूसरी पारी में लड़खड़ाने तक, 'क्रिकेट के मक्का' में जमकर ड्रामा हुआ।
भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट जीतने की प्रबल दावेदार नजर आ रही थी, लेकिन इंग्लिश गेंदबाजों ने पासा पलटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह मुकाबला चौथी पारी में कभी भारत तो कभी इंग्लैंड के पाले में जाता दिखा। मगर आखिरी में मेजबान टीम की जीत हुई, जिसने हारी हुई बाजी को जीतकर फैंस को खुश कर दिया। चलिए जानते हैं कि भारतीय टीम की इस हार के पांच मुजरिम कौन हैं?
1) करुण नायर - लगातार तीसरा मौका पाकर भी बड़ी पारी खेलने में असमर्थ रहे करुण नायर। नायर ने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 40 तो दूसरी पारी में 14 रन बनाए। एक बार फिर नायर ने भारतीय फैंस की उम्मीदों को तोड़ा और अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन उन पर विश्वास रखना जारी रखेगी या नहीं।
2) यशस्वी जायसवाल - यशस्वी जायसवाल ने भी टीम इंडिया की नैया डुबोई। शानदार फॉर्म में होने के बावजूद जायसवाल ने लॉर्ड्स टेस्ट में शर्मनाक प्रदर्शन किया और केवल 13 रन बनाए। वो दूसरी पारी में खाता खोले बिना आउट हुए। दरअसल, जायसवाल ने अपना विकेट इंग्लैंड को गिफ्ट किया।
3) शुभमन गिल - भारतीय कप्तान भी हार के प्रमुख मुजरिमों में से एक रहे। पिछले मैच में दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले कप्तान गिल लॉर्ड्स टेस्ट में केवल 22 रन बना सके। वो पहली पारी में 16 जबकि दूसरी पारी में 6 रन बनाकर आउट हुए। दूसरी पारी में गिल अपने फुटवर्क के कारण आलोचनाओं से घिरे।
4) नीतिश कुमार रेड्डी - भारतीय टीम के तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की खोज पूरी होती नहीं दिखाई दे रही है। रेड्डी ने गेंदबाजी में जरूर प्रभावित किया और विकेट निकाले, लेकिन उनका बल्ला खामोश रहा। रेड्डी ने मैच में कुल 43 रन बनाए और तीन विकेट चटकाए। रेड्डी से दूसरी पारी में बड़ी पारी की उम्मीद थी क्योंकि टीम को दरकार थी, लेकिन वो फ्लॉप रहे।
5) वॉशिंगटन सुंदर - वॉशिंगटन सुंदर को ऑलराउंडर होने के कारण कुलदीप यादव पर तरजीह दी गई थी। टीम को उनसे गेंद के साथ-साथ बल्ले से उम्दा योगदान देने की उम्मीद थी। वॉशी ने गेंद से तो कमाल जरूर किया और भारत के लिए मैच भी बनाया, लेकिन बल्ले से वो फ्लॉप रहे और हार का प्रमुख कारण बने। पहली पारी में जहां सुंदर ने 23 रन बनाए तो दूसरी पारी में वो खाता खोले बिना आउट हुए। सुंदर का बल्ले से फ्लॉप होना टीम को भारी पड़ गया।
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