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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूखे पर BCCI को हाई कोर्ट की कड़ी फटकार, कहा-मैच अहम है या लोग

By anand rajEdited By:
Published: Wed, 06 Apr 2016 02:20 PM (IST)Updated: Thu, 07 Apr 2016 07:08 AM (IST)

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि आइपीएल के मैचोंं को उन राज्यों में करवाना चाहिए, जहां जल का संकट न हो।

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। भीषण सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र में आइपीएल मैचों के आयोजन पर रोक लग सकती है। मुंबई उच्च न्यायालय इस संबंध में गुरुवार को निर्णय सुना सकता है। बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि आइपीएल के मैचोंं को उन राज्यों में करवाना चाहिए, जहां जल का संकट न हो।

मुंबई हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति वीएम कानाडे व एमएस कर्णिक की खंडपीठ एक एनजीओ लोकसत्ता मूवमेंट की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मांग की गई है कि सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र में आइपीएल के मैच न कराए जाएं क्योंकि मैचों के लिए पिच व मैदान के रखरखाव में करीब 60 लाख लीटर पानी का उपयोग होगा।

खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान भारतीय क्रिकेट बोर्ड को कड़ी फटकार लगाई वहीं राज्य सरकार को भी गुरुवार तक स्पष्ट करने को कहा कि वह पानी की बर्बादी रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है।

महत्व तब समझोगे क्या:
बीसीसीआई पर तल्ख टिप्पणी करते हुए खंडपीठ ने कहा कि उसे पानी का महत्व तब समझ में आएगा, जब खुद उसकी जलापूर्ति रोक दी जाए। बीसीसीआई व अन्य क्रिकेट संघों को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि आप इस तरह पानी कैसे बर्बाद कर सकते हैं? लोग ज्यादा महत्वपूर्ण हैं या आइपीएल मैच ?

आप जानते हैं राज्य की क्या हालत है

कोर्ट ने कहा, आप इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं ? यह आपराधिक बर्बादी है। क्या आप जानते हैं कि महाराष्ट्र की क्या हालत है ? क्या क्रिकेट मैच लोगों की जरूरतों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं ?

बेतरतीब तर्क:
इस बीच, आज मुंबई महानगरपालिका की वकील तृप्ति पुराणिक ने कोर्ट को बताया कि बीएमसी द्वारा वानखेड़े स्टेडियम को सिर्फ पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। दूसरी ओर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने बताया कि वह पिचों की देखरेख के लिए पानी अलग से खरीदते हैं, जो पेयजल नहीं होता। याचिकाकर्ता के वकील का तर्क था कि महाराष्ट्र के हजारों गांवों में सफाई एवं अन्य उपयोग के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे पानी का उपयोग उन गांवों में किया जाना चाहिए।

सभी जिलों में संकट गंभीर
जलसंकट न सिर्फ महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में विकट है, बल्कि यह ठाणे, मुंबई व अन्य सभी जिलों में भी गंभीर है। लातूर और परभनी में पानी के लिए निषेधाज्ञा तक लगानी पड़ी है।

20 मैच प्रस्तावित
आइपीएल-नौ में कुल 60 मैच खेले जाएंगे। इनमें से एक तिहाई यानी 20 मैच महाराष्ट्र के तीन शहरों मुंबई, पुणे और नागपुर में खेले जाने हैं।
मुंबई के वानखेड़े में कुल आठ मैच खेले जाने हैं। इनमें उद्घाटन और फाइनल मुकाबले भी शामिल हैं। पुणे के एमसीए स्टेडियम में कुल नौ मैच होने हैं। इनमें एक एलिमिनेटर मैच के अलावा दूसरा क्वालीफायर मैच भी शामिल है। नागपुर के वीसीए स्टेडियम, जामथा में कुल तीन मैच होने हैं।

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