यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IND vs WI: वेस्टइंडीज में दम भरने वाले कैम्पबेल हुए भावुक, बल्लेबाजी की अपनी इस काबिलियत पर है गर्व
वेस्टइंडीज को दिल्ली टेस्ट मैच में अपनी दमदार बैटिंग से मैच में वापस लाने वाले जॉन कैम्पबेल ने कहा है ...और पढ़ें

जॉन् कैम्पबेल ने भारत के खिलाफ जमाया शतक
HighLights
IND vs WI: जॉन कैम्पबेल ने भारत के खिलाफ जमाया शतक
IND vs WI: कैम्पबेल के शतक से वेस्टइंडीज मजबूत
IND vs WI: भारत को कैम्पबेल के शतक से हुई परेशानी
जेएनएन, नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैम्पबेल ने सोमवार को अपने करियर का पहला टेस्ट शतक लगाकर न केवल टीम को संकट से उबारा बल्कि भारतीय गेंदबाजों को भी लंबे समय तक मेहनत कराई। फॉलोआन के दबाव में खेलते हुए कैम्पबेल ने शानदार पारी खेली और तीसरे विकेट के लिए 177 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
इसी साझेदारी के दम पर वेस्टइंडीज मैच को पांचवें दिन तक खींचने में सफल रही। कैंपबेल के लिए यह पारी भावनात्मक रही। उन्होंने कहा कि यह मेरे करियर की सबसे संतोषजनक पारी थी। मेरा शॉट चयन इस बार बेहद सधा हुआ था। मुझे स्वीप शॉट खेलना पसंद है और शुक्र है, यह मेरे लिए कारगर साबित हुआ।
बना दिया रिकॉर्ड
दिल्ली की इस पिच पर जहां भारतीय स्पिनर दबदबा बनाने की कोशिश में थे, वहीं बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने रविंद्र जडेजा की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इस तरह वे 23 साल बाद भारत में टेस्ट शतक लगाने वाले वेस्टइंडीज के पहले सलामी बल्लेबाज बने। उनसे पहले यह उपलब्धि 2002 में कोलकाता के ईडन गार्डंस पर वेवेल हाइंड्स ने हासिल की थी।
मौके को भांपा
शतक पूरा करने के तरीके पर कैम्पबेल ने मुस्कराते हुए कहा मैंने देखा कि जडेजा मिड-ऑन को करीब ला रहे थे, तो मैंने सोचा कि उनके ऊपर से शॉट खेलने का यह सही मौका है। उन्होंने कहा टीम के लिए दूसरी पारी में योगदान देना मेरे लिए गर्व की बात है। यह साझेदारी व हमारी बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के आत्मविश्वास को लौटाने वाली रही।
