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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CBDT ने शुरू की e-appeals योजना, अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो सकेगी सुनवाई

By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
Published: Tue, 30 May 2023 05:16 PM (IST)

CBDT ने आज निर्मला सीतारमण द्वारा बजट भाषण के दौरान कही गई “ई-अपील योजना की शुरुआत कर दी है। इसके ...और पढ़ें

CBDT started e-appeals scheme, now hearing can be done through video conferencing
CBDT started e-appeals scheme, now hearing can be done through video conferencing

नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आज बजट में घोषित "ई-अपील" योजना की शुरुआत की, ताकि स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) से संबंधित अपीलों की लंबितता को कम किया जा सके और स्रोत पर टैक्स संग्रह (टीसीएस) किया जा सके।

प्रवाधानों के तहत ज्वाइंट कमिश्नर (अपील) कर सकता है यह काम

"ई-अपील" योजना संयुक्त आयुक्त (अपील) को उसके समक्ष दाखिल या आवंटित या स्थानांतरित की गई अपीलों के निपटान के लिए कारण बताओ नोटिस भेजने, अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंड शुरू कर सकता है।

केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम में पदनाम नए संयुक्त आयुक्त (अपील) डालने के लिए पहले ही वित्त विधेयक में संशोधन कर दिया है। सीबीडीटी इसके लिए आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्तों के लगभग 100 पदों को तैनात करेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की सुविधा

अब अपील के मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई हो सकेगी, जहां निर्धारिती ने करदाताओं के मूल्यांकन आदेश के खिलाफ अपील दायर की है।

योजना से होगा क्या ?

आयकर कानून के तहत, टैक्स प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश को करदाता द्वारा पहले आयुक्त (अपील) के प्रभारी अधिकारी के समक्ष चुनौती दी जा सकती है, जिसके बाद आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी), उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में छोटी अपीलों के निस्तारण और आयुक्त स्तर पर लंबित अपीलों को कम करने के लिए ई-अपील योजना का प्रस्ताव रखा था।

टैक्स प्रणाली में प्रगतिशील कदम- नीरज अग्रवाल

नांगिया एंडरसन इंडिया पार्टनर नीरज अग्रवाल ने कहा कि ई-अपील का कार्यान्वयन एक अधिक कुशल, आसान और जवाबदेह टैक्स प्रणाली की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है।