Wakefit ला रही IPO, दिसंबर महीने में इस तारीख से कर सकेंगे आवेदन; सोने के लिए देती है लाखों रुपये
फर्नीचर कंपनी वेकफिट इनोवेशंस (Wakefit Innovations IPO) 8 दिसंबर को आईपीओ लाएगी, जिसमें 377 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। आईपीओ 10 दिसंबर को बंद होगा। कंपनी आईपीओ से प्राप्त फंड का उपयोग नए स्टोर खोलने, मशीनरी खरीदने और मार्केटिंग में करेगी। 2016 में शुरू हुई वेकफिट तेजी से बढ़ी है और 2024 तक इसकी इनकम 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। वेकफिट आईपीओ निवेशकों के लिए एक अवसर हो सकता है।

वेकफिट लाने जा रही है आईपीओ, 8 दिसंबर को खुलेगा
नई दिल्ली। घरेलू सामान और फर्नीचर बनाने वाली कंपनी वेकफिट इनोवेशंस आठ दिसंबर को अपना पब्लिक इनिशिअल ऑफरिंग (आईपीओ) लाएगी, जिसमें 377 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी का आईपीओ 10 दिसंबर को बंद होगा और एंकर निवेशकों को पांच दिसंबर को शेयर आवंटित किए जाएंगे
आईपीओ दस्तावेजों (आरएचपी) के अनुसार, यह आईपीओ 377.1 करोड़ रुपये तक के नए शेयर वाला होगा। साथ ही इसमें प्रमोटर्स और अन्य शेयरधारकों द्वारा 4.67 करोड़ शेयरों की बिक्री भी की जाएगी।
इस जॉब के लिए फेमस है वेकफिट
वेकफिट अकसर सोने की जॉब ऑफर करती है। दरअसल कंपनी अपनी मैट्रेस के लिए रिव्यू और उसकी क्वालिटी चेक करने के लिए लोगों को उन सोने का ऑफर देती है और इसी के लिए पैसे भी देती है।
क्या करेगी आईपीओ फंड का
वेकफिट आईपीओ में प्रमोटर शेयरहोल्डर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा, पीक XV पार्टनर्स, वर्लिनवेस्ट, इन्वेस्टकॉर्प फंड्स, रेडवुड ट्रस्ट और दूसरे बड़े इन्वेस्टर्स के साथ मिलकर OFS में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे।
कंपनी आईपीओ से आए फंड में से 117 नए COCO (कंपनी के मालिकाना हक वाले, कंपनी के चलाने वाले) स्टोर खोलने के लिए 31 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही नए इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने के लिए 15.4 करोड़ रुपये, मौजूदा स्टोर के लिए लीज, सब-लीज रेंट और लाइसेंस फीस के लिए 161.4 करोड़ रुपये, ब्रांड की पहुंच बढ़ाने के लिए मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग के लिए 108.4 करोड़ रुपये और बाकी जनरल कॉर्पोरेट कामों के लिए खर्च किया जाएगा।
कितने साल पुरानी है कंपनी
2016 में शुरू हुई वेकफिट तेजी से भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली होम और फर्निशिंग कंपनियों में से एक बन गई है। 31 मार्च, 2024 तक, इसकी कुल इनकम 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गई, जिससे यह इस सेक्टर की सबसे बड़ी ऑर्गनाइज्ड कंपनियों में से एक बन गई।
इसकी बेंगलुरु, कर्नाटक में दो, होसुर, तमिलनाडु में दो और सोनीपत, हरियाणा में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है।
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