नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप का यह ऐसा दौर है, जिसमें निवेशकों का रिटर्न लगातार घट रहा है। कई बैंक जमा पर ब्याज दरों को घटा चुके हैं, तो कई घटाने की तैयारी में हैं। बचत खाते से लेकर एफडी और स्मॉल सेविंग स्कीम्स तक में ब्याज दर घटी हुई मिल रही हैं। रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए बेहद लोकप्रिय सेविंग स्कीम PPF पर भी ब्याज दर घटकर 7.1 फीसद रह गई है। ऐसे में आरबीआई 7.75 फीसद बॉन्ड स्कीम में निवेश कर निवेशक बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

सिर्फ आज भर है निवेश का मौका

RBI 7.75% बॉन्ड भारत सरकार की टैक्सेबल बॉन्ड स्कीम है। भारत सरकार द्वारा जारी होने के कारण इस बॉन्ड में निवेश जोखिम रहित होता है। इस बॉन्ड में कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। इस बॉन्ड में 7.75 फीसद रिटर्न मिलता है, इसलिए ही इसका नाम RBI 7.75% बॉन्ड है। निवेशकों के पास बेहतर रिटर्न देने वाली जोखिम रहित स्कीम में निवेश करने के लिए सिर्फ गुरुवार का ही दिन है। 28 मई को यह स्कीम बंद हो रही है।भारतीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि 7.75% सेविंग्स (टैक्सेबल) बॉन्ड, 2018 शुक्रवार, 29 मई 2020 से निवेश के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा। ग्राहक गुरुवार को बैंकिंग बिजनेस घंटे पूरे होने तक ही इस योजना में निवेश कर सकते हैं। आरबीआई ने इस बॉन्ड को जारी करने की शुरुआत 10 जनवरी 2018 को की थी।

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एसबीआई बैंक FD की तुलना में 2 फीसद से अधिक ब्याज

आरबीआई की इस बॉन्ड स्कीम में ग्राहकों को एसबीआई बैंक की एफडी की तुलना में 2 फीसद से भी अधिक ब्याज मिल रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 27 मई 2020 से एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5.1 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रही है। इसके अलावा बैंक पांच साल से अधिक की एफडी पर 5.4 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। वहीं, आरबीआई टैक्सेबल बॉन्ड 7.75 फीसद सालाना का रिटर्न निवेशकों को दे रहा है। यही कारण है कि यह योजना निवेशकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है।

न्यूनतम 1,000 रुपये से बॉन्ड में शुरू करें निवश 

इस बॉन्ड स्कीम के जरिए निवेशक गारंटीड रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। बॉन्ड में ब्याज की गणना वार्षिक होती है, लेकिन प्रत्येक 6 महीने में ब्याज निवेशक के बचत खाते में डाल दिया जाता है। इसके अलावा अगर निवेशक चाहे, तो बॉन्ड की मैच्योरिटी के समय भी ब्याज का भुगतान ले सकता है। आरबीआई 7.75 फीसद बॉन्ड में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। वहीं, कोई भी व्यक्ति न्यूनतम 1,000 रुपये से इस बॉन्ड में निवश शुरू कर सकता है।

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प्रीमैच्योर निकासी की भी है सुविधा

आरबीआई RBI 7.75% बॉन्ड की मैच्योरिटी अवधि सात साल की है। हालाकि, 60-70 साल की आयु के बीच के निवेशक छह साल बाद, 70 से 80 साल की आयु के बीच के निवेशक पांच साल बाद और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले निवेशक चार साल के बाद ही बॉन्ड से निकासी कर सकते हैं।

Posted By: Pawan Jayaswal

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