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    वेनेजुएला की करेंसी का क्या है नाम? छापना पड़ा था 10 लाख का नोट; भारतीय रुपये के मुकाबले इतनी सी हैसियत

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:40 PM (IST)

    वेनेजुएला की आधिकारिक करेंसी बोलिवर (venezuelan currency) है, जो 1879 में पेश की गई थी। यह 1983 से अत्यधिक मुद्रास्फीति का सामना कर रही है, जिससे अमेर ...और पढ़ें

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    वेनेजुएला की करेंसी भारतीय रुपये के मुकाबले बहुत कमजोर

    नई दिल्ली। वेनेजुएला दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप का एक ऑयल संपन्न देश है। बीते हफ्ते वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिका ने एक मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया। अब उन दोनों पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाए जाने की तैयारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच वेनेजुएला को लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है वहां की करेंसी को लेकर। क्या आप जानते हैं वेनेजुएला की करेंसी को क्या कहते हैं?

    वेनेजुएला की करेंसी का नाम क्या?

    बोलिवर वेनेजुएला की आधिकारिक करेंसी है। दक्षिण अमेरिकी स्वतंत्रता के हीरो सिमोन बोलिवर के नाम पर इसका नाम रखा गया है, और इसे राष्ट्रपति गुजमैन ब्लैंको ने 1879 के मॉनेटरी रिफॉर्म के जरिए पेश किया था। इससे पहले वहां वेनेजोलानो चलन में थी।

    हाई इंफ्लेशन का सामना कर रही बोलिवर

    1983 से बोलिवर हाई इंफ्लेशन का सामना कर रही है और इस दौरान इसकी वैल्यू अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 500 गुना कम हो गई। 2000 के दशक के बीच में यह गिरावट थोड़ी कंट्रोल में आई, लेकिन फिर भी यह डबल डिजिट में बनी रही।

    1 रुपया कितने बोलिवर के बराबर?

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय 1 रुपया 3.37 वेनेजुएलाई बोलिवर के बराबर है। यानी भारत की करेंसी वेनेजुएलाई बोलिवर के मुकाबले मजबूत है।

    वेनेजुएला के 1 लाख यहां कितने?

    जैसा कि हमने बताया 1 3.37 वेनेजुएलाई बोलिवर के बराबर है। ऐसे में वेनेजुएला के 1 लाख बोलिवर भारत के 29,666.11 रुपये के बराबर ही बनेंगे।

    1 मिलियन बोलिवर का नोट

    सेंट्रल बैंक ऑफ वेनेजुएला ने साल 2021 में तीन नए नोट जारी करने की घोषणा की थी। इनमें 200,000, 500,000 और दस लाख बोलिवर के नोट शामिल थे। ऐसा हाई इंफ्लेशन के लिए किया गया था। 2014 से, यूनाइटेड स्टेट्स, यूरोपियन यूनियन और दूसरे देशों द्वारा सोने की माइनिंग, सरकारी तेल कंपनियों और दूसरे बिजनेस ट्रांजैक्शन पर लगाए गए प्रतिबंधों ने इस दक्षिण अमेरिकी देश को बहुत नुकसान पहुँचाया है।

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