Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    SEBI के शिकंजे में Baap Of Chart, फाइनेंशियल फ्लूएंसर पर बैन के साथ लगाया 17.20 करोड़ रुपये का जुर्माना

    By AgencyEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Thu, 26 Oct 2023 12:31 PM (IST)

    SEBI Ban Baap Of Chart सेबी ने बाप ऑफ चार्ट के नाम वाले फाइनेंशियल फ्लूएंसर मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी को बैन कर दिया है। इसके लिए SEBI ने अंतरिम आदेश जारी किया है। इस अंतरिम आदेश में सेबी ने कहा कि वह किसी भी तरह का कोई शेयर बाजार में डील नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें 17.20 करोड़ रुपये भी देने होंगे।

    Hero Image
    SEBI के शिकंजे में आया Baap Of Chart

    पीटीआई, नई दिल्ली। SEBI Update: शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी पर प्रतिबंध लगा दिया है। आपको बता दें कि मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी एक फाइनेंशियल फ्लूएंसर है। इन्हें सोशल मीडिया पर 'बाप ऑफ चार्ट' (Baap Of Chart) कहा जाता है। इनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस शिकायत को लेकर सेबी ने बुधवार 25 अक्टूबर 2023 को एक अंतरिम आदेश जारी किया। इस आदेश में सेबी ने मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी को बैन कर दिया। वह शेयर मार्केट में किसी भी तरह का कोई डील नहीं कर सकते हैं। इसी के साथ उन्हें 17.2 करोड़ रुपये भी जमा करना होगा।

    सेबी ने जारी किया आदेश

    सेबी के होल-टाइम डायरेक्टर अनंत नारायण ने आदेश जारी किया है। उन्होंने आदेश में कहा कि यह क्लाइंट्स को शेयर बाजार में तगड़ा रिटर्न देने का झांसा देकर लुभाया जाता है। नसीरुद्दीन अंसारी के यूट्यूब चैनल पर 4 लाख से ज्यादा और एक्स (X) पर 70,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। यह एक अनरजिस्टर्ड इंवेस्टमेंट एडवाइजरी चलाते थे।

    सेबी ने इस मामले में जनवरी 2021 से जुलाई 2023 तक जांच की थी, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है। इस मामले में सेबी ने 45 पेज के अंतरिम आदेश जारी करते हुए बाप ऑफ चार्ज पर यह बैन लगाया है।

    सेबी ने बताया कि नसीरुद्दीन अंसारी कई सोशल मीडिया पर खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताते थे। वह अपने फॉलोअर्स से एजुकेशन कोर्स में रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहते हैं। इसके अलावा वह निवेशकों को शेयर बाजार में तगड़ा मुनाफा देने का भी झांसा देते हैं। वह अपने सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग कोर्स भी देता था।

    अब सेबी के आदेश के बाद नसीरुद्दीन अंसारी किसी भी तरह का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट डील नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें एस्क्रो अकाउंट में 15 दिन के भीतर 17.2 करोड़ रुपये जमा करना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो सेबी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है।