यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जल्द प्राइवेट हो सकता है ये सरकारी बैंक ! SEBI के फैसले से LIC के लिए हिस्सेदारी बेचने का रास्ता साफ
भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एलआईसी (LIC) के आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के पब्लिक शेयरहोल्डर के रूप में रिक्लासिफाइड ...और पढ़ें

नई दिल्ली। भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने जीवन बीमा निगम (LIC) के आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के पब्लिक शेयरहोल्डर के रूप में रिक्लासाइफाइड होने की रिक्वेस्ट को मंजूरी दे दी है। एलआईसी ने रविवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा कि इससे बैंक में स्ट्रैटेजिक हिस्सेदारी बिक्री का रास्ता साफ हो गया है।
एलआईसी को पहले आईडीबीआई बैंक में एक प्रमोटर शेयरहोल्डर के रूप में वर्गीकृत किया गया था। यह दर्जा इसने 2019 में बैंक का कंट्रोल संभालने के बाद हासिल किया था। एक प्रमोटर के रूप में, एलआईसी के पास बोर्ड में प्रतिनिधित्व और बैंक के ऑपरेशन पर रणनीतिक प्रभाव था। मगर अब पब्लिक शेयरहोल्डर माने जाने से एलआईसी के ये अधिकार छिन गए हैं और उसकी भूमिका एक फाइनेंशियल निवेशक की हो गई है।
कौन लगा सकता है बोली
सरकार, जिसके पास आईडीबीआई बैंक में 45.48% हिस्सेदारी है, और सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय जीवन बीमा निगम, जिसके पास 49.24% हिस्सेदारी है, दोनों मिलकर बैंक में 60.7% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इस हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा सबसे पहले 2022 में की गई थी।
केंद्र सरकार ने आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री के लिए जरूरी चीजें पूरा कर लीं है और अक्टूबर से दिसंबर के बीच फाइनेंशियल बिड आमंत्रित करने की योजना है। ये जानकारी देश के विनिवेश सचिव ने इस महीने की शुरुआत में दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एमिरेट्स एनबीडी और कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स संभावित बोली लगाने वालों में शामिल हैं।
ये भी पढ़ें - IPO News : अगले सप्ताह आ रहे 10 नए आईपीओ, GMP देख जरूर लगाना चाहेंगे पैसा ! चेक करें कौन करा सकता है ज्यादा फायदा
सेबी ने लगाई है शर्त
सेबी ने इस शर्त पर मंजूरी दी है कि एलआईसी बैंक पर कंट्रोल नहीं रखेगी और न बोर्ड में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा, और उसके मतदान अधिकार 10% तक सीमित रहेगा। साथ ही बैंक के रिक्लासिफिकेशन के दो वर्षों के भीतर एलआईसी को अपनी हिस्सेदारी घटाकर 15% या उससे कम करनी होगी।
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणीश चावला ने कहा है कि बिक्री चालू वित्त वर्ष में पूरी होने का लक्ष्य है। इस वर्ष अब तक आईडीबीआई बैंक के शेयरों में लगभग 25% की वृद्धि हुई है।
