नई दिल्ली, पीटीआइ। संकटग्रस्त म्युचुअल फंड हाउस  फ्रैंकलिन टेम्पलटन और सेबी (Sebi) को मद्रास हाइकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किया गया है। एक इन्वेस्टर्स ग्रुप द्वारा कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद यह नोटिस भेजा गया है। इन्वेस्टर्स ग्रुप ने फंड हाउस द्वारा बंद की गई छह डेट फंड स्कीम्स में फंसे निवेशकों के 28,000 करोड़ रुपयों की सुरक्षा के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस प्रकोप के चलते संकटग्रस्त हुए फंड हाउस ने अपनी छह डेट फंड योजनाओं को बंद कर दिया था।

इन्वेस्टर्स ग्रुप ने बयान में कहा है कि वे सभी प्रभावित निवेशकों को साथ लाने के लिए अलग से ऑनलाइन याचिका भी शुरू कर रहे हैं। ग्रुप ने कहा कि इस याचिका को प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ फंड हाउस की अमेरिकी मूल कंपनी और अमेरिकी बाजारों के नियामक एसईसी को भी भेजा जाएगा।

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गुरुवार को जारी इस बयान में इन्वेस्टर्स ग्रुप चेन्नई फाइनेंशियल मार्केट्स अकाउंटेबिलिटी (CFMA) ने कहा कि  उसके द्वारा एक पीआईएल दाखिल किये जाने के बाद 26 मई को मद्रास उच्च न्यायालय ने सेबी, फ्रैंकलिन टेम्पलटन एसेट मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (FTAMC),म्युचुअल फंड के ट्रस्टियों, इसके अध्यक्ष संजय सप्रे, सीआईओ (फिक्स्ड इनकम) संतोष कामथ और अन्य प्रमुख प्रबंधन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

आम जनता के करीब 28,000 करोड़ रुपये पर खतरे को देखते हुए उच्च न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता समझा और इस पर संज्ञान लिया। न्यायालय ने सेबी को कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट के साथ जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इन्वेस्टर्स ग्रुप के अनुसार, फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने यह माना है कि सभी छह योजनाओं में धन की रिकवरी 5 से 81 फीसद की रेंज में होगी और पांच सालों में होगी।

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फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने जिन छह डेट फंड्स को बंद किया है, उनमें फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन इनकम ऑपरच्यूनिटी फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन क्रेटिड रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन डायनामिक एक्यूरियल फंड शामिल हैं। कंपनी ने फंड्स को बंद करने के पीछे कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन के चलते नकदी की कमी का हवाला दिया था।

Posted By: Pawan Jayaswal

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