यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
New GST Rates: बीड़ी पर जीएसटी 18% या 40%? बनी रही उलझन; वित्त मंत्रालय ने साफ की स्थिति
सरकार ने जीएसटी रिफॉर्म के तहत तंबाकू उत्पादों पर बड़ा फैसला लिया है। सिगरेट गुटखा पान मसाला और जर्दा जैसे ...और पढ़ें

नई दिल्ली | सरकार ने जीएसटी रिफॉर्म के तहत तंबाकू उत्पादों पर बड़ा फैसला लिया है। सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और जर्दा जैसे उत्पादों पर अब 40% जीएसटी लगेगा।
लेकिन बीड़ी पर सरकार ने राहत दी है। बीड़ी पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है। वहीं, बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाला तेंदू पत्ता अब सिर्फ 5% जीएसटी के दायरे में आएगा।
खास बात यह है कि बीड़ी पर जीएसटी की संशोधित दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। हालांकि, इस फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया है कि जब बाकी तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया गया तो बीड़ी पर छूट क्यों मिली?
दरअसल, सरकार बीड़ी को सिन प्रोडक्ट नहीं मानती। जबकि सिगरेट समेत दूसरे तंबाकू उत्पाद सिन प्रोडक्ट में आते हैं। हालांकि, सरकार का यह फैसला विवादों में है। इसे लेकर विशेषज्ञों की राय एकदम अलग है।
फैसला विवादों में, क्या बोले एक्सपर्ट?
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तो क्या सिगरेट भी होगी सस्ती?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिगरेट सस्ती होगी? जानकारों के मुताबिक, अभी तंबाकू उत्पादों पर 28% जीएसटी के साथ सेस भी लगाया जाता है, जिससे कुल टैक्स 50 से 55% तक पहुंच जाता है। लेकिन नई व्यवस्था में 40% जीएसटी तय किया गया है।
यह साफ नहीं है कि इस पर अलग से सेस लगेगा या नहीं। अगर सेस नहीं लगा तो कीमतों पर असर पड़ सकता है। वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल सिगरेट, गुटखा, जर्दा और बीड़ी पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। बीड़ी पर नई दरें 1 जनवरी से लागू होंगी। जबकि बाकी उत्पादों पर संशोधित दरें 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी।
