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    दिसंबर 2025 में 6.1% बढ़ा देश का जीएसटी कलेक्शन, सरकारी खजाने में आए 1.74 लाख करोड़ रुपये

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:29 PM (IST)

    1 जनवरी, 2026 को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का जीएसटी कलेक्शन (GST Collection Data) 6.1% बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपये हो गया। ...और पढ़ें

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    जीएसटी कलेक्शन में हुई 6 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी

    नई दिल्ली। 1 जनवरी, 2026 को जारी लेटेस्ट ऑफिशियल डेटा के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स या जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) दिसंबर 2024 के 1,64,556 करोड़ रुपये की तुलना में 6.1% बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपये हो गया।
    GST रिफंड सालाना आधार पर 30.9 प्रतिशत बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2025 में कुल घरेलू GST रेवेन्यू 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इंपोर्ट से टैक्स 19.7 प्रतिशत बढ़कर

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    51,977 करोड़ रुपये हो गया।

    कितना रहा GST रेवेन्यू?

    दिसंबर 2025 में नेट GST रेवेन्यू 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। अप्रैल-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए, कुल GST रेवेन्यू 16.50 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में जमा किए गए 15.19 लाख करोड़ रुपये से 8.6% ज़्यादा है।
    नवंबर में, कुल मिलाकर, GST कलेक्शन पिछले साल समान महीने के लगभग 1.69 लाख करोड़ की तुलना में 0.7% बढ़कर लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा था।

    जीएसटी कलेक्शन में क्यों हुई बढ़ोतरी?

    जीएसटी कलेक्शन में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से इंपोर्ट रेवेन्यू में 19.7% की तेज वृद्धि के कारण हुई, जिसने कुल कलेक्शन में ₹51,977 करोड़ का योगदान दिया। घरेलू कुल रेवेन्यू में 1.2% की मामूली वृद्धि देखी गई, जो महीने के लिए कुल ₹1,22,574 करोड़ रहा। मासिक कलेक्शन ब्रेकडाउन में CGST में ₹34,289 करोड़, SGST में ₹41,368 करोड़ और IGST में ₹98,894 करोड़ शामिल हैं।

    इंपोर्ट से GST में अच्छी तेजी

    इंपोर्ट से GST में अच्छी तेजी दिखी, जिसमें ग्रॉस इंपोर्ट रेवेन्यू 51,977 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 19.7% ज़्यादा है। कंपनसेशन सेस, जो लोन और ब्याज की देनदारियां खत्म होने तक एक ट्रांजिशनल उपाय के तौर पर जारी है। दिसंबर में नेट सेस रेवेन्यू 4,238 करोड़ रुपये के साथ तेजी से गिरा, जो पिछले साल के 12,003 करोड़ रुपये से कम है, यानी 64.7% की गिरावट आई है। 

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