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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना, इन चार मुद्दों पर फोकस कर रही सरकार

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Sat, 29 Jul 2023 05:33 PM (IST)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक कार्यक्रम में कहा गया कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन निवेश और समावेशिता पर ...और पढ़ें

इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश 2023-24 में 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश 2023-24 में 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सरकार का ध्यान चार मुद्दों - इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, निवेश और समावेशिता पर है। मौजूदा समय में भारत के पास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जरूरी साधन हैं।

सरकारी ने निवेशकों को ध्यान में रखकर कई कदम उठाए

सीआईआई के एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा-  सरकार की ओर से निवेशकों को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं। भारत एक विशाल देश है। अर्थव्यवस्था की आवश्यकता के अनुरूप उन्हें कुशल बनाने से लाभ मिलेगा।

चार मुद्दों पर सरकार का ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित बनाने पर है। सरकार चार मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

1. पिछले 3 से 5 सालों में सरकार ने बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर में पैसा खर्च किया है और इसमें लगातार निवेश किया जा रहा है।  2023-24 में ये 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर में रोड, पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स को ही नहीं शामिल किया जाता है, बल्कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी है।

2. निवेश पर जोर देने से पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

3. सरकार इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है। सरकार की ओर से स्पेस और न्यूक्लिर एनर्जी आदि को ओपन किया गया है, जिससे कि कार्बन पैदा करने वाले ईंधनों का उपयोग कम किया जा सके।

4. सरकार का फोकस समावेशी विकास करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 25 सालों में भारत को एक विकसित देश बनाना है। सरकार की कोशिश है कि जो भी निवेश या रिफॉर्म हो, उसका लाभ देश के सामान्य नागरिक को मिले।