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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bettiah News: बुरे फंसे बेतिया के MVI, डीटीओ ने दर्ज कराई प्राथमिकी; सामने आया बड़ा झोल

Published: Sat, 01 Feb 2025 04:22 PM (IST)

Bihar News आईटीआई मैदान में वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. आईटीआई मैदान से गिरफ्तार दोनों बिचौलिए भेजे गए जेल
  2. मामला सामने आने के बाद प्रभारी डीटीओ ने दर्ज कराई प्राथमिकी

जागरण संवाददाता, बेतिया। नगर के आईटीआई मैदान में गुरुवार को वाहनों के फिटनेस जांच के दौरान गिरफ्तार दोनों दलालों को मुफस्सिल पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इस मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में एमवीआइ की भी संलिप्तता है। कुल छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष अभिराम सिंह ने बताया कि जिला परिवहन पदाधिकारी अरुण प्रकाश की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी में डीटीओ ने बताया है कि मोटरयान निरीक्षक के लगातार अनुपस्थित रहने, वाहनों की फिटनेस जांच, ट्रांसफर आदि में अवैध उगाही की लगातार शिकायत मिल रही थी।

इसके आलोक में नगर के आईटीआई मैदान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहनों का फिटनेस, ट्रांसफर एवं अन्य कार्यों के लिए कई लोग मौजूद थे। वहां मोटरयान निरीक्षक संतोष कुमार दास थे।

जिनके द्वारा वाहनों का जांच किया जा रहा था। मैदान में ही डाटा इंट्री आपरेटर विभिन्न कागजातों से साथ उपस्थित थे।

उन्होंने पूछताछ में बताया कि मोटर यान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह ने फिटनेस जांच में फोटो खींचने के लिए भेजे हैं। मोटर यान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह अनुपस्थित थे।

डीटीओ ने पुलिस से बताया है कि इस दौरान पांच छह लोग बैंग, कागज लेकर भागने लगे। जिसमें से पीछा कर दो व्यक्तियों को पकड़ा गया।

दोनों में से एक ने अपना नाम राजू कुमार सिंह और दूसरे ने राजीव कुमार मिश्र बताया। उनकी निशानी दही पर एक बाइक व एक बोलेरो की तलाशी ली गई।

दोनों वाहनों से परिवहन विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकार के भरे हुए कागजात जब्त किया गया। कागजात के बारे में पूछने पर दोनों ने संतोष जनक जवाब नहीं दिया।

इनके पास से कुछ मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। आईटीआई मैदान में मौजूद लोगों ने पकड़े गए दोनों व्यक्तियों को मोटर यान निरीक्षक अनुप कुमार सिंह के साथ बराबर देखे जाने की पुष्टि की।

इधर डीटीओ कार्यालय के दो दलालों के पकड़े जाने के बाद शुक्रवार को कार्यालय का माहौल बदला बदला दिखा। कार्यालय में मौजूद कर्मी दिन भर दबी जुबान इस घटना की चर्चा कर रहे थे।

हालांकि, इस मामले में खुलकर बोलने से परहेज करते रहे। बता दे कि डीटीओ कार्यालय में बिचौलिए की शिकायत पर गुरुवार डीएम दिनेश कुमार राय ने आईटीआई मैदान में औचक निरीक्षण किया था।

वहां वालों का फिटनेस जांच किया जा रहा था। डीएम के साथ प्रभारी डीटीओ भी थे। इस दौरान वहां से दो दलालों को पकड़ा गया था।

पूर्व में कई बार पकड़े जा चुके हैं दलाल

  • बेतिया में जिला परिवहन कार्यालय में करीब डेढ़ दशक से दलालों का दबदबा है। पूर्व में दलाली करते यहां से कई बार बिचौलिए पकड़े जा चुके हैं।
  • बिचौलिए की गिरफ्तारी के बाद कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहता है। उसके बाद फिर से दलाल हावी हो जाते हैं।
  • एक समय था जब यहां चोरी के वाहनों का भी काफी आसानी से रजिस्ट्रेशन हो जाता था। पूर्व में दलाल यहां टेबल कुर्सी लगाकर बैठते थे।
  • कभी कभार आया आने वाले आम लोग उन्हें बिचौलिए नहीं वरन कार्यालय का कर्मी समझ बैठते थे और भरोसा कर उन्हें अपना कार्य सौंप देते थे।
  • हालांकि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद इसपर अंकुश तो लग गया, लेकिन दलाली खत्म नहीं हुई। भले ही एमवीआइ के मोबाइल फोन के साथ राजू सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस को सौंप दिया गया है।
  • इसके पूर्व जिला परिवहन कार्यालय के आदेशपाल को भी एक बार जिला परिवहन पदाधिकारी के रुप में कार्य करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

इस समय थी बिचौलियों की चांदी

जानकार बताते है कि परिवहन कार्यालय में जब मैन्युअल कामकाज होता था, उस समय यहां बिचौलियों की चांदी थी। बिचौलिए ऊंची राशि लेकर चोरी के वाहन का भी यहां इंट्री करवा लेते थे।

लोगों का कहना है कि यदि पुराने संचिकाओं की जांच की जाय तो जिला परिवहन कार्यालय के कारनामें परत दर परत सामने आ जायेंगे। एक समय था जब कार्यालय के एक आदेशपाल की तूती बोलती थी।

उसे डीटीओ बनाकर वाहन जांच करते पकड़ा गया था। दो दिन पहले तक यही हालत राजू सिंह की भी है। वह जिला परिवहन कार्यालय में विद्युत कर्ता के नाम पर हमेशा परिवहन कार्यालय में विराजमान रहता था।

पिछले करीब डेढ़ दशक से उसका दबदबा परिवहन कार्यालय में था। बताया जाता है कि जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय विगत सप्ताह भी परिवहन कार्यालय पहुंचे थे।

उस समय ना तो एमवीआई मिले और नही कोई बिचौलिया। आखिरकार गुरुवार को डीम ने अपनी मौजूदगी में दो बिचौलियों को दबोचवा लिया।

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