Bihar News: पीएम के संभावित आगमन पर गौनाहा तक ट्रेन परिचालन की बढ़ी उम्मीद, आवागमन में लोगों को हो रही परेशानी
पीएम के संभावित आगमन पर गौनाहा तक ट्रेन परिचालन की उम्मीद बढ़ गई है। नरकटियागंज- गौनाहा के बीच करीब 22 किमी रेलखंड का काम पूरा हो चुका है। सीआरएस ने निरीक्षण भी कर लिया है लेकिन अब तक रेल परिचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसका असर गौनाहा के करीब दस पंचायत की डेढ़ लाख से अधिक लोगों पर पड़ रहा है।

जासं, नरकटियागंज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेतिया में संभावित आगमन को लेकर थारू बहुल गौनाहा प्रखंड के लोगों में रेल सेवा आरंभ होने की उम्मीद बढ़ गई है। नरकटियागंज- गौनाहा करीब 22 किमी रेलखंड का अमान परिवर्तन पूरा होने के बाद उसका सीआरएस ने निरीक्षण भी कर लिया है। उस खंड दो फेज को तैयार करते हुए निरीक्षण कराया गया।
ट्रेनों का परिचालन न होने से लोग परेशान
पहले नरकटियागंज से अमोलवा स्टेशन तक बीते वर्ष 20 जनवरी को सीआरएस की ट्रायल ट्रेन 130 किमी की गति से दौड़ी। उसके 11 माह बाद बीते 29 दिसंबर को अमोलवा से गौनाहा तक सीआरएस की ट्रेन दौड़ाई।
लोगों का कहना है कि अन्य रेलखंडों में दोहरीकरण के दौरान एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सीआरएस के निरीक्षण के तुरंत बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जा रहा है।
लेकिन नरकटियागंज से गौनाहा तक का कार्य पूरा होने और उस ट्रायल कर लिए जाने के बाद भी ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं किया गया, जिसका असर गौनाहा के करीब दस पंचायत की डेढ़ लाख से अधिक लोगों पर पड़ रहा है।
पीएम मोदी के दौरे से परिचालन शुरू होने की उम्मीद
समाजसेवी अनिरुद्ध प्रसाद चौरसिया ने बताया कि आठ वर्षों तक अमान परिवर्तन के नाम पर ट्रेनों का परिचालन बंद रहा। जब कार्य पूरा हो गया तब भी रेलवे ट्रेन नहीं चला रही है, जिससे भितिहरवा गांधी संग्रहालय पहुंचने वाले पर्यटकों को भी आवागमन में समस्या हो रही है।
व्यवसायी कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि उस रेलखंड में परिचालन नहीं होने से नरकटियागंज बाजार पर काफी असर पड़ रहा है। उधर, कई लोग प्रधानमंत्री के दौरे से इस खंड में परिचालन शुरू होने की उम्मीद जता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने बताया कि रेलवे के शीर्ष पदाधिकारियों में सरगर्मी बढ़ गई है क्योंकि आठ वर्षों से रेल सेवा से वंचित थरुहट के लोगों का यह मुद्दा उनके समक्ष उठ सकता है।
वैसे भाजपा के प्रति थारू आदिवासियों का झुकाव रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के काल में उन्हें आदिवासी का दर्जा मिलने के साथ यह बदलाव बताया जा रहा है। ऐसे में रेल सेवा से उन्हें वंचित रखना के मामला पीएम के आगमन के समय केंद्र बिंदु में हो सकता है।
बीते साल हो चुका है काम पूरा
बीते वर्ष नरकटियागंज- गौनाहा के 22 किमी रेलखंड का अमान परिवर्तन कार्य पूरा हो गया। इसमें कुल 20 पुल पुलिया बने, जिसमें 18 सामान्य हैं। जबकि दो बड़े पुल शामिल हैं। 21 समपार फाटक बने हैं। नरकटियागंज से अमोलवा तक रेल खंड का सीआरएस 20 जनवरी 23 को ही किया गया।
उसके बाद भी 12 किमी खंड में परिचालन नहीं हो सका। उसके आगे कौन यहां तक बीते 29 दिसंबर को सीआरएस ने निरीक्षण कर लिया। फिर भी दस दिन से अधिक गुजर गए, ट्रेनों का परिचालन नहीं किया गया। बता दें कि अप्रैल 2015 से इस रेलखंड में परिचालन बंद है।
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