सारण रामजानकी मंदिर चोरी: CCTV में 4 संदिग्ध कैद, गश्ती में लापरवाही पर ASI निलंबित
सारण के मशरख स्थित रामजानकी मंदिर में चोरी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अष्टधातु की तीन मूर्तियों और नकदी की चोरी हुई है। घटना की जांच के ...और पढ़ें
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मशरक में हुए मंदिर में चोरी की जांच करते डीआईजी डॉ. कुमार आशीष एवं ग्रामीण एसपी संजय कुमार।(जागरण)
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले के मशरख थाना थाने के बगल स्थित ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
घटना के त्वरित उद्भेदन, चोरी गए सामान की बरामदगी और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मशरख के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां कैद हुई हैं। वहीं, रात्रि गश्ती में लापरवाही बरतने के आरोप में गश्ती दल के सहायक अवर निरीक्षक जितेन्द्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अन्य लापरवाह अधिकारियों की भी पहचान कर कठोर कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
सुबह तीन बजे मिली चोरी की सूचना
घटना की जानकारी मंदिर के सफाईकर्मी द्वारा पांच जनवरी को प्रातः लगभग 03:00 बजे मशरख थाना को दी गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस टीम ने तत्काल जांच प्रारंभ कर दी। मंदिर परिसर को घेराबंदी कर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू की गई।
डीआईजी-सह-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण
चोरी की सूचना मिलते ही स्वयं पुलिस उपमहानिरीक्षक-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मढ़ौरा-दो भी घटनास्थल पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर का गहन निरीक्षण किया और संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले का शीघ्र और प्रभावी उद्भेदन सुनिश्चित किया जाए।
कैसे घटी चोरी की वारदात
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों ने मंदिर के पीछे स्थित ताले को काटा। छोटे गेट की कुंडी तोड़ी गई। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे का तार काट दिया गया। चोरों ने भगवान राम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी की अष्टधातु की कुल तीन मूर्तियां तथा नकद राशि चोरी कर ली। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से स्पष्ट हुआ है कि वास्तविक चोरी की घटना रात्रि लगभग 12:30 बजे घटित हुई।
चार संदिग्ध सीसीटीवी में कैद
सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध व्यक्तियों को घटनास्थल के आसपास घूमते हुए देखा गया है। इनकी पहचान के लिए फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। संभावित मार्गों की भी जांच की जा रही है।
डॉग स्क्वायड तैनात, जांच तेज
घटना के खुलासे के लिए डाग स्क्वायड को भी बुलाया गया है। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी द्वारा गहन अनुसंधान जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों तक पहुंच बनाई जाएगी।
गश्ती में लापरवाही पर कार्रवाई
मामले में रात्रि गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। गश्ती और चेकिंग कार्य में लापरवाही बरतने के कारण स०अ०नि० सहायक अवर निरीक्षक जितेन्द्र चौधरी को निलंबित किया गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूर्ण होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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