Purnia News: पूर्णिया में बेच दी सरकारी जमीन, मंत्री तक पहुंची शिकायत तो खुला राज; 14 लोगों पर मुकदमा दर्ज
Bihar Crime News पूर्णिया में जमीन ब्रोकरों ने सरकारी जमीन बेच दी है। राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने शिकायत के बाद जांच का निर्देश दिया। जांच में पता चला कि 4.02 डिसमिल सरकारी जमीन बेची गई। जमीन खरीद-बिक्री के गवाह बने 14 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। वहीं बतायाजा रहा है कि 13 अभियुक्त फरार चल रहे हैं।
राजीव कुमार, पूर्णिया। एक बार फिर जमीन ब्रोकरों ने पूर्णिया में सरकारी जमीन बेच दी है। सरकारी जमीन बेचने का मामला तब सामने आया जब सूबे के राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने शिकायत के बाद इस मामले की अपर समाहर्ता को जांच कराने का निर्देश दिया।
एडीएम ने इस मामले में पूर्णिया पूर्व के अंचल अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी, जिसमें उजागर हुआ कि पुराना वार्ड संख्या 16 एवं वर्तमान वार्ड संख्या 34, खाता संख्या 125, खेसरा 63 रकवा 4. 02 डिसमिल सरकारी जमीन बेच दी गई।
जमीन खरीद बिक्री के गवाह बने 14 लोगों पर केस
जांच रिपोर्ट में सरकारी जमीन बेचे जाने की बात सामने आने के बाद सीओ के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी ने सदर थाना में सरकारी जमीन बेचने वाले व खरीदने वाले एवं इस जमीन खरीद बिक्री के गवाह बने 14 लोगों पर केस दर्ज कराया।
पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि 13 अभियुक्त फरार हैं, जिनकी तलाश सदर थाने की पुलिस सरगर्मी के साथ कर रही है। बताया जाता है कि सदर थाना क्षेत्र में भी इसके पूर्व एक विद्यालय की सरकारी जमीन को बेच देने का मामला सामने आया था।
निबंधन के दौरान सरकारी मूल्य 16.80 लाख बताया गया
- इस मामले में भी एक आरोपित वही है, जो पूर्व की सरकारी जमीन बेचने के मामले में था। जो सरकारी जमीन बेची गई, निबंधन के दौरान उसका सरकारी मूल्य 16.80 लाख बताया गया है, जबकि यह जमीन इससे चार गुणी कीमत की है।
- सीओ की जांच में यह भी पता चला कि जमीन निबंधन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि 1931 में विक्रेता के पूर्वजों को जमीन केवाला द्वारा प्राप्त थी।
- इसके अलावा मूल जमाबंदी में दर्ज तथ्य को भी छिपाया गया है। सीओ ने इस जमीन को बिक्री रोक सूची में डालने का भी निर्देश दिया है।
भूमि-विवाद के निबटारे को लेकर श्रीनगर थाना में लगा जनता दरबार
पूर्णिया में भूमि-विवाद के निबटारे को लेकर शनिवार को 12 बजे दिन में एएसआई धर्मेन्द्र कुमार के अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया।
जनता दरबार में श्रीनगर से जवाहरलाल मेहता बनाम दयानंद विश्वास, उफरैल से मो. आशिक बनाम मो. इस्लाम, मनकौल से मो. हमीद बनाम शेख हमीद, मो. हुसैन बनाम इब्राहिम खां का मामला आया था। सीओ निकिता अग्रवाल ने बताई कि जनता दरबार में चार मामला आया था।
जिसमें दो मामले का निष्पादन कर दिया गया है। जनता दरबार में एएसआई धर्मेन्द्र कुमार, राजस्व कर्मचारी राजीव यादव, देवन मंडल, रोहित कुमार, मो. हसनैन, यशवंत विश्वास सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
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