यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Sand Mining: अवैध खनन के लिए बालू माफिया ने नदी पर बना दिया पुल, पुलिस के एक्शन से इलाके में मच गया हड़कंप
एसडीओ के आदेश पर सीओ व थानेदार ने जेसीबी से बालू माफिया द्वारा बनाया गया अवैध पुल तोड़ दिया है। ...और पढ़ें

HighLights
- कारी कोसी पर डकैता के समीप बालू माफिया ने खनन के लिए बनाया पुल
- एसडीओ के आदेश पर सीओ और थानाध्यक्ष ने पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़ा
संवाद सूत्र, धमदाहा (पूर्णिया)। दैनिक जागरण द्वारा कारी कोसी नदी पर डेढ़ सौ मीटर लंबा लोहे का अवैध पुल बना किए जा रहे बालू खनन का खुलासा करने पर प्रशासन हरकत में आ गया है। खबर प्रकाशित होने के चंद घंटे बाद ही धमदाहा एसडीओ के निर्देश पर धमदाहा सीओ व मीरगंज थानाध्यक्ष की मौजूदगी में जेसीबी से पुल को तोड़कर हटा दिया गया।
बालू माफिया फरार
खबर छपने के बाद रविवार को सुबह से ही उस स्थल पर वीरानी छाई रही। बालू माफिया वहां से फरार हो गए। मीरगंज थाना क्षेत्र के डकैता गांव व दमैली गांव के बहियार में इस पुल का निर्माण कराया गया था।
इस पुल के जरिए बालू माफिया द्वारा गत एक पखवाड़ा से यहां अवैध खनन किया जा रहा था।
खनन के लिए बनाया पुल
पुल इतना मजबूत था कि इस पर जेसीबी व बालू लोड ट्रैक्टर भी बेधड़क पार कर रहे थे। इस पार बालू नहीं होने के कारण उस पार के लिए माफिया ने पुल बना रास्ता तैयार कर लिया था।
स्थानीय लोग व पंचायत प्रतिनिधि भी बालू माफिया का विरोध नहीं कर पा रहे थे। साथ ही प्रशासन भी पूरी तरह इससे अनभिज्ञ बना हुआ था।
दैनिक जागरण द्वारा शनिवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया। एसडीओ ने तत्काल पुल तोड़ने का आदेश दिया।
इस आदेश पर सीओ रविंद्र नाथ ठाकुर व मीरगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार रंजन दमैली पंचायत के मुखिया अमित चौधरी के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़ा पुल
बाद में पुलिस बलों की मौजूदगी में उस पुल को जेसीबी की मदद से तोड़ा गया। एसडीओ ने बताया कि उक्त स्थल पर आगे भी इस तरह का अवैध खनन नहीं हो, इसकी निगरानी के लिए टीम का गठन भी कर दिया गया है।
इस टीम में सीओ, थानेदार व राजस्व कर्मचारी भी है। समय-समय पर टीम के सदस्य मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लेंगे।
बता दें कि कारी कोसी मूल कोसी की अहम धारा है। इस नदी के तेवर भी पूरी तरह कोसी की तरह ही है। जगह-जगह यह कटाव भी करती रहती है। इस नदी के किनारे भी बालू का ढेर लगता है। इस बालू पर माफिया की नजर टिकी रहती है।

