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    Farmer Registry Bihar: फार्मर रजिस्ट्री में सुस्ती पर सख्त हुए डिप्टी सीएम, बोले- अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 05:18 PM (IST)

    Farmer Registry Bihar: उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एग्री स्टैक परियोजना और फार्मर रजिस्ट्री में सुस्ती पर अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने की चेता ...और पढ़ें

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    डिप्टी सीएम विजय सिन्हा। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि एग्री स्टैक परियोजना में सुस्ती करने वाले अधिकारियों की जिम्मेवारी तय होगी।

    उन्होंने शुक्रवार को कहा कि फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजना है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और भविष्य में सभी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सकेगा।

    उन्होंने कहा कि जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन में अपेक्षित प्रगति नहीं होना गंभीर विषय है। इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी इस कार्य को मिशन मोड में लेते हुए प्रतिदिन लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करें।

    हमारा उद्देश्य है कि फार्मर रजिस्ट्री शत-प्रतिशत हो, ताकि राज्यभर के किसानों की डिजिटल पहचान बने। उन्हें योजनाओं का सीधा लाभ मिले।

    राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गोपाल मीणा निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टल पर जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन का कार्य प्रतिदिन अनिवार्य रूप से करेंगे।

    कार्य प्रगति का दैनिक अनुश्रवण अंचल अधिकारी एवं अपर समाहर्ता स्तर पर किया जाएगा, जबकि मुख्यालय स्तर पर भी इसकी प्रतिदिन समीक्षा होगी।

    क्या है एग्री स्टैक?

    कृषि क्षेत्र के लिए एकीकृत डेटाबेस तैयार करने वाला यह केंद्र सरकार का डिजिटल प्लेटफार्म है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसानों की पहचान, जमीन का विवरण और संबंधित क्षेत्रों के फसलों की जानकारी रहती है। इस पोर्टल पर किसानों का रजिस्ट्रेशन होता है।

    कल होगी समीक्षा बैठक

    मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसमें में सभी जिलों के समाहर्ता, कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इस कार्य की निगरानी केंद्र सरकार के स्तर से भी की जा रही है।

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