Rahul Gandhi: 20 दिन में दूसरी बार बिहार पहुंचे राहुल गांधी, OBC कैटेगरी को दे दिया बड़ा संदेश
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 20 दिनों के बाद फिर पटना पहुंचे हैं। ने पटना में जाति जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि इसके बिना दलितों पिछड़ों और आदिवासियों का विकास संभव नहीं है। उन्होंने व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के सत्ता तंत्र न्यायपालिका शिक्षा स्वास्थ्य और कॉरपोरेट जगत में दलित समुदाय की भागीदारी नाममात्र है।

राज्य ब्यूरो, पटना। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर बिहार पहुंचे हैं। पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि बिना जाति जनगणना वंचितों, पिछड़ों एवं आदिवासियों का विकास संभव नहीं।
देश में वंचितों पिछड़ों एवं आदिवासियों की आबादी कितनी है इसकी सही जानकारी जाति आधारित गणना से ही संभव है। लेकिन, यह गणना बिहार जैसी नहीं कर्नाटक जैसी होनी चाहिए।
राहुल गांधी करीब 20 दिनों के अंतराल पर बुधवार को फिर बिहार पहुंचे हैं। वह स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी के जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में किया गया था।
25 अमीरों के रुपये माफ हुए- राहुल
- राहुल गांधी ने व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के सत्ता तंत्र, न्यायपालिका, शिक्षा, स्वास्थ्य और कॉरपोरेट जगत में वंचित समुदाय की भागीदारी नाममात्र है।
- उन्होंने चुनौती वाले अंदाज में कहा कि किसी भी बड़े कॉरपोरेट, कंपनी का नाम ले लीजिए लेकिन इन कंपनियों के बोर्डरूम में वंचितों का नाम तक नहीं होगा।
- देश की टॉप 200 कंपनियों में एक भी वंचित या ओबीसी मालिक नहीं। जीएसटी आप भरते हैं, अडानी भी भरता है, पर अधिकारों में बंटवारा नहीं होता।
- भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने 25 अमीरों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए, लेकिन इस लिस्ट में एक भी वंचित नहीं।
शिक्षा व्यवस्था पर राहुल ने साधा निशाना
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना साधा और कहा कि मैंने किताबों में वंचितों के बारे में सिर्फ ‘अछूत’ और ‘वंचित’ शब्द पढ़े। क्या उनका कोई इतिहास नहीं? क्या दो लाइनों से उनका दर्द समझ आ जाएगा?
उन्होंने कहा कि सत्ता के संस्थानों में वंचितों को प्रतिनिधित्व दिखावटी है। असली फैसले लेने वाली कुर्सियों पर वे कहीं नहीं होते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि देश की 16 प्रतिशत वंचित आबादी को सत्ता और अर्थव्यवस्था में हाशिए पर क्यों धकेला गया है।
उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने सभी को बराबरी का हक दिया है लेकिन भाजपा-आरएसएस इसे खत्म करना चाहते हैं उन्हें पता है संविधान खत्म किये बिना वंचितों, पिछडो और असिवासियो को दबा नहीं सकते हैं।
कार्यक्रम में जगलाल जयंती आयोजन समिति के संयोजक विनोद कुमार चौधरी, बिहार कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश, कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा, प्रभारी सचिव सुशील पासी, पूर्व अधिकारी गोरेलाल आरसी कैथल, नीतू सिंह समेत दूसरे कई नेता उपस्थित रहे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।