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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Prashant Kishor: आर-पार के मूड में आए प्रशांत किशोर, अनशन तोड़ने के लिए रख दी बड़ी शर्त; कोर्ट भी पहुंचा मामला

Published: Fri, 03 Jan 2025 06:42 PM (IST)

जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान में धरना वापस लेने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर ने धरना वापस लेने से किया इनकार ( ANI)
प्रशांत किशोर ने धरना वापस लेने से किया इनकार ( ANI)

HighLights

  1. प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार के खिलाफ हल्ला-बोल दिया
  2. प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार से कर दी बड़ी मांग

एएनआई, पटना। Bihar Political News Today: पटना के गांधी मैदान में अनशन कर रहे प्रशांत किशोर आर-पार के मूड में आ गए हैं। उन्होंने धरना वापस लेने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि मैं किसी भी हालत में विरोध वापस नहीं लूंगा।

मुझसे एडीएम ने कहा कि आपको विरोध वापस ले लेना चाहिए और मैंने कहा कि यह संभव नहीं है क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है। मैं किसी भी हालत में विरोध वापस नहीं लूंगा।

उन्होंने कहा कि मैं एक ही शर्त पर मानूंगा जब बिहार के मुख्यमंत्री छात्र से मिलेंगे और उनकी शिकायत सुनेंगे। उसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जो भी निर्णय लेंगे वह मुझे स्वीकार्य होगा।

बिहार के मुख्यमंत्री को छात्रों से मिलना चाहिए और उनकी शिकायतें सुननी चाहिए। उसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जो भी निर्णय लेंगे वह मुझे स्वीकार्य होगा।

क्या है प्रशांत किशोर की मांग

  • प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार के सामने 5 बड़ी मांग रख दी। जिसने राज्य सरकार की टेंशन बढ़ा दी है।
  • 70वीं बीपीएससी परीक्षा ने हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच और पुनर्परीक्षा कराई जाए
  • 2015 में सात निश्चय के तहत 18 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए
  • 10 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितता और पेपर लीक की जांच व दोषियों पर कार्रवाई का श्वेत पत्र जारी
  • लोकतंत्र की जननी बिहार को लाठी तंत्र बनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
  • राज्य की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं की कम से कम दो तिहाई हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए डोमिसाइल नीति प्रभावी हो

प्रशांत किशोर के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दायर

बीपीएससी अभ्यर्थियों को भड़काने का आरोप लगाते हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम पश्चिमी के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। यह परिवाद कांटी थाना के सोती भेरियाही गांव के लड्डू सहनी ने दाखिल किया है। कोर्ट ने परिवाद को सुनवाई पर रखा है। इसके लिए 10 जनवरी की तिथि तय की है।

परिवाद में लड्डू सहनी ने कहा है कि बीपीएससी 70वीं के अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर पटना में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे।

30 दिसंबर को प्रशांत किशोर इन अभ्यर्थियों को भड़का कर हंगामा करा दिया। इन अभ्यर्थियों को भड़कर कर प्रतिबंधित क्षेत्र में ले गए। जहां पुलिस ने छात्रों को लाठियों पीट-पीट कर घायल कर दिया।

लड्डू सहनी ने कहा है कि उनके रिश्तेदार के कई बच्चे बीपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए थे। वे भी दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर पटना में धरना दे रहे थे।

आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। प्रशांत किशोर ने भड़काया और लाठी चार्ज करवा दिया। लड्डू सहनी के अधिवक्ता प्रकाश कुमार ने बताया कि प्रशांत किशोर की हरकत से आहत होकर उनके मुवक्किल ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है।

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