Bihar News: शराब के ठिकानों पर छापामारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, DGP के नए आदेश से मची खलबली!
बिक्रम के राघोपुर मुसहरी में शराब के ठिकानों पर छापामारी करने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। इस दौरान आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। 21 लोगों को नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बीच डीजीपी ने नया आदेश जारी किया है।

संवाद सूत्र, बिक्रम। रानीतालाब थाना क्षेत्र के राघोपुर मुसहरी में शनिवार को शराब के ठिकानों पर छापेमारी करने गई पुलिस की टीम पर बदमाशों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया।
इस दौरान छापामारी का नेतृत्व कर रहे एसआइ शिव शंकर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। अचानक हुई पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई।
कई पुलिसकर्मियों ने छिपकर जान बचाई। घटना की जानकारी थाने को दी गई और अतरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थरबाजी करने के पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में 21 नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, रानीतालाब थाने के अपर थानाध्यक्ष शिव शंकर के नेतृत्व में शिव कुमार, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, मदन झा, ममता कुमारी, आकाश और विकाश सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने होली को लेकर अवैध रूप से शराब बनाने वाले अड्डे पर छापामारी की।
इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा ईंट-पत्थर चलाया जाने लगा। पथराव में पुलिस की एक बोलेरो गाड़ी का शीशा फूट गया। वहीं, डायल 112 वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
हमले में यह पुलिसकर्मी हुए घायल
- पथराव में घायल दारोगा शिव शंकर ने बताया कि इस हमले में दो दारोगा समेत मदन झा, ममता कुमारी, आफताब आलम, मुमताज अंसारी, शिव कुमार समेत आठ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। जख्मी पुलिस कर्मियों का अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया।
- घटना के संबंध में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि राघोपुर मुसहरी में छापामारी करने गई पुलिस पर पत्थरबाजी करने के आरोप में विकास कुमार, नंदलाल मांझी, संजू मांझी, गणेश मांझी, लंकेश मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं 21 लोगों को नामजद और 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हमला करने वालों पर हो त्वरित कार्रवाई : डीजीपी
उधर, डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस पर हमला करने वालों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस तरह के पुराने मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन कर दोषियों को सजा दिलाने का टास्क पुलिस अधिकारियों को दिया गया है।
इसके साथ ही सभी थानों को पर्याप्त बल के साथ घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है। डीजीपी ने शनिवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में बताया कि पुलिस पर हमले के जिस तरह के कांड हो रहे हैं, उसमें गिरफ्तारियां भी हो रही हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) इस तरह के कांडों की गंभीरता से मानीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस पर हमले के जो लंबित कांड हैं, उनमें भी कार्रवाई हो रही है।
सभी पुलिस पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि जब भी घटनास्थल पर जाएं तो जिस तरह की समस्या है, उसके अनुपात में पर्याप्त पुलिस बल में वृद्धि करके जाएं।
दरअसल, कई बार पुलिसकर्मी घटना की जानकारी मिलते ही अविलंब पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसका उद्देश्य बेहतर रिस्पांस टाइम भी होता है, मगर जब बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों के होने की सूचना हो तो पर्याप्त पुलिस बल का इंतजाम कर घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि पुलिस बल की संख्या में और वृद्धि हो, ताकि पुलिस और मजबूती से कार्रवाई कर सके।
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