यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSSC SCAM की CBI जांच ले पटना हाईकोर्ट में PIL दाखिल
बीएसएससी घोटाले की सीबीआइ जांच को ले हाईकोर्ट में लोकहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। बिहार कर्मचारी आयोग (बीएसएससी) की इंटरस्तरीय परीक्षा मे हुई धांधली मेंं विधायक, नेता, मंत्री एवं आइएएस अधिकारियों के नाम आने के बाद पटना पुलिस की वर्तमान जांच पर सवाल खड़ा किए गए हैं। अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने पटना हाईकोर्ट में लोकहित याचिका (पीआइएल) दायर कर मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता सेंगर का सवाल है कि घोटाले में 7 मंत्रियों, 29 विधायकों एवं 9 आइएएस के नाम संदेह के घेरे में आने के बाद क्या राज्य सरकार की कोई एजेंसी निष्पक्ष जांच कर पाएगी?
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याचिका में बिहार कर्मचारी चयन आयोग की विश्वसनीयता पर आशंका जाहिर करते हुए पहले हुई कई परीक्षाओं पर भी सवाल खड़े किए गये हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रश्नपत्र लीक हो जाने से एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो गया है। इसके पहले जूनियर इंजीनियर एवं स्नातक स्तर की परीक्षाओं में भी गड़बड़ी हुई थी। आर्थिक इकाई द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। 2012 व 2016 में हुई परीक्षाएं भी रद हुईं।
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याचिका में सवाल किया गया है कि राज्य सरकार ने इस घटना की जांच का कार्य एसआइटी को सौंप दिया है। पर क्या बिहार पुलिस बड़े ओहदे वाले अधिकारियों व नेताओं को जांच के घेरे में ले पाएगी?
