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    Bettiah Raj Property: बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों को मिल गई बड़ी राहत, नीतीश सरकार ने पास किया नया ऑर्डर

    बेतिया राज संपत्ति विधेयक 2024 के गजट प्रकाशन के साथ बेतिया राज की 15221 एकड़ जमीन पर राज्य सरकार का स्वामित्व हो गया है। यह विधेयक 26 नवंबर को विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित किया गया था और राज्यपाल ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। सरकार इस जमीन पर पहले से बसे लोगों को तत्काल बेदखल नहीं करेगी।

    By Arun Ashesh Edited By: Mukul Kumar Updated: Sat, 21 Dec 2024 08:24 PM (IST)
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    गजट जारी, बेतिया राज की जमीन पर अब सरकार का स्वामित्व

    राज्य ब्यूरो, पटना। ''बेतिया राज संपत्ति विधेयक, 2024 से संबंधित गजट के प्रकाशन के साथ ही बेतिया राज की चल अचल संपत्ति पर राज्य सरकार का कानूनी अधिकार कायम हो गया है। 26 नवंबर को यह विधेयक विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित किया गया था।

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    इसे राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पेश किया था। राज्यपाल डॉ. राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विधेयक को पहले ही मंजूरी दे दी थी। अब गजट प्रकाशन के बाद बेतिया राज की 15,221 एकड़ जमीन पर राज्य सरकार का स्वामित्व हो गया।

    हालांकि, सरकार इस जमीन पर पहले से बसे लोगों को तत्काल बेदखल नहीं करने जा रही है। वह उचित दस्तावेज के आधार पर जमीन का उपयोग कर रहे लोगों को रियायत देगी।

    इसके लिए अलग से कानूनी प्रक्रिया का पालन हो रहा है। डॉ. जायसवाल ने कहा कि जमीन के बड़े हिस्से पर अवैध अतिक्रमण है। इसे मुक्त कराना हमारी पहली प्राथमिकता होगी।

    विधेयक में बेतिया राज एस्टेट की जमीन को सार्वजनिक स्वामित्व में लाने का प्रस्ताव किया गया था, जो अब कानून बन गया है। मंत्री ने कहा कि इस जमीन का उपयोग सार्वजनिक विकास के लिए किया जाएगा। इससे कई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

    मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, स्टेडियम और खेल के मैदान जैसे सार्वजनिक उपयोग लिए निर्माण में इसका उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बेतिया राज की जमीन का विस्तृत विवरण जल्द ही जारी करेगी। इसमें जमीन का खाता, खेसरा और रकबा के अलावा यह भी बताया जाएगा कि अभी स्वामित्व की क्या स्थिति है।

    राज्य सरकार जमीन पर दावे की जांच के लिए संबंधित जिलों में विशेष पदाधिकारी नियुक्त करेगी। अधिसूचना जारी होने के दो महीने के भीतर लोग विशेष पदाधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश कर सकेंगे।

    सरकार की योजना है कि दावा आपत्ति दायर करने के तीन महीने बाद मामले का निष्पादन कर दिया जाए। डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा किसी को बेघर करने की नहीं है।

    कहां कहां है जमीन

    • बिहार में बेतिया राज की 15,221 एकड़ और उत्तर प्रदेश में 143 एकड़ जमीन है। इसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है।
    • पश्चिमी चंपारण में राज की 66 प्रतिशत से अधिक भूमि और पूर्वी चंपारण में 60 प्रतिशत भूमि पर अतिक्रमण है।
    • पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के अलावा सीतामढ़ी, सारण, सिवान, गोपालगंज और पटना जिले में बेतिया राज की 15 हजार 215 एकड़ जमीन है।

    क्या है पूरा मामला

    ब्रिटिश शासन के दौरान बेतिया राज की जमीन कोर्ट ऑफ वार्ड्स को सौंप दी गई थी। बेतिया राज के अंतिम महाराज को कोई संतान नहीं थी। इसलिए उनकी संपत्ति का वैद्य उत्तराधिकारी सामने नहीं आया।

    आजादी के बाद यह जमीन बिहार सरकार के स्वामित्व में आ गई। मगर, यहां भी सरकार के वैद्य स्वामित्व के लिए कोई कानून नहीं था। विधेयक इसी के लिए लाया गया।

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