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    Bettiah Raj Property: महारानी के महल की बदल जाएगी सूरत, बिहार सरकार ने बनाई नई योजना; जल्द शुरू होगा काम

    Updated: Mon, 16 Dec 2024 06:05 PM (IST)

    बेतिया राज की महारानी का आवासी भवन अब संरक्षित किया जाएगा और इसे संग्रहालय में परिवर्तित किया जाएगा। इसे हेरिटेज बिल्डिंग की श्रेणी में रखा जाएगा ताकि इसका पुरातात्विक महत्व बरकरार रह सके। जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय के निर्देश पर यह कार्य किया जा रहा है जिसमें महारानी भवन और राजकचरी के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है।

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    बेतिया राज के महारानी का महल बनेगा संग्रहालय

    जागरण संवाददाता, बेतिया। राज डयोढ़ी परिसर में स्थित बेतिया राज की महारानी का आवासी भवन अब संरक्षित किया जाएगा। इसे संग्रहालय बनाया जाएगा।

    इसे हेरिटेज बिल्डिंग की श्रेणी में रखकर इसे संरक्षित करने की पहल शीघ्र शुरू होगी। ताकि इस भवन का पुरातात्विक महत्व भी बरकरा रह सके। जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय के निर्देश पर यह कार्य किया जा रहा है।

    इसमें महारानी भवन व राजकचरी के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई गई है। जिस पर एक करोड़ 37 लाख 54 हजार 100 रुपये खर्च आएगी।

    दोनों भवनों के प्राक्कलन की तकनीकी अनुमोदन एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार राय ने विभाग के मुख्य अभियंता (उत्तर) को भेजा है।

    अपर समाहर्ता सह राज प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि बेतिया राज के महारानी निवास (कोठी) के सौंद्रर्यीकरण कार्य 68 लाख 84 हजार 200 राशि से होगा। जबकि राजकहरी का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य 68 लाख 69 हजार 900 राशि से होगा।

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    तकनीकी अनुमोदन व प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही निविदा की प्रक्रिया पूरी करते हुए जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    चनपटिया में मिली बेतिया राज की 19.13 एकड़ और भूमि

    • सरकारी व्यवस्था लागू होने के बाद अब बेतिया राज की जमीन व संपत्ति को संरक्षित व सुरक्षित करने की पहल तेज कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर इस कार्य को गति दी जा रही है।
    • इसी कड़ी में बेतिया राज की जमीन के पूर्व सर्वे के बाद चनपटिया के मौजा बरोहिया थाना संख्या-73, खाता संख्या-360/5 कुल रकबा 12 बिगहा 10 कठ्ठा 5 धूर यानि 19 एकड़ 13 और भूमि मिली है। जबकि बेतिया राज द्वारा पूर्व में वर्ष 2017-018 में कराए गए सर्वेक्षण व सत्यापन सूची में उक्त भूमि दर्ज नहीं है।
    • डीएम ने बंदोबस्त पदाधिकारी को पत्र भेजकर छूटे हुए 19 एकड़ 13 डिसमिल भूमि को बेतिया राज के नाम पर दर्ज कराने को कहा है।

    किसानों को बेदखल कर अपना हक कायम करना चाहती है सरकार : मोर्चा

    सरकार ने जबसे बेतिया राज की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है तबसे किसान बेहाल हैं। किसान आंदोलन का मन बनाने लगे है। चंपारण किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के सुभाष सिंह कुशवाहा लगातार किसानों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास कर रहे हैं।

    राज की जमीन पर लगी रोक को हटाने की मांग के समर्थन में मोर्चा के बैनर तले किसानों को एकजुट करने में लगे है। इसको लेकर मोर्चा द्वारा आगामी 30 दिसंबर को अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है।

    धरना को सफल बनाने को लेकर रविवार को मोर्चा के पदाधिकारियों ने विभिन्न गांवों के किसानों से संपर्क किया। इस कड़ी में बिजुलपुर बनकटी में संचित कुमार के आवासीय परिसर में मोर्चा अध्यक्ष सुभाष सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में एक बैठक की गई।

    श्री कुशवाहा ने कहा कि बेतिया राज सहित अन्य बंदोबस्ती के जमीन पर दाखिल-खारिज एवं खरीद-बिक्री पर सरकार ने वर्ष 2013 से रोक लगा रखी है।

    इधर एक-दो सप्ताह पूर्व बिहार विधानसभा में सरकार ने प्रस्ताव पारित कर कानूनी रूप देते हुए बेतिया राज के जमीन पर अपना मालिकाना हक कायम करते हुए इसे खाली कराने का फैसला किया है।

    कहा कि यह कानून किसानों के विरुद्ध बनाया गया है। सरकार को पहले किसानों या किसान संगठनों से राय विचार करना चाहिए था। बैठक में संजय कुमार, बच्चा सिंह, टूनटून कुमार, चंदेश्वर सिंह, लक्ष्मी प्रसाद, अखिलेश कुमार, संतोष कुमार आदि किसान मौजूद थे।

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