Bettiah Raj Property: बेतिया राज की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने में जुटी सरकार, सामने ये बड़ी मुश्किल
बेतिया राज की जमीन से अतिक्रमण हटाना आसान नहीं होगा। बिहार में बेतिया राज की करीब 15 हजार 215 एकड़ तो उत्तर प्रदेश में 143.26 एकड़ जमीन है। 9800 एकड़ पर अतिक्रमण है। बहुत सी जमीन पर लोगों ने मकान बनवा लिए हैं। सरकार की ओर से बेतिया राज की शहर के आसपास की भूमि को बियाडा को देने की भी योजना है।

सुनील आनंद, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बेतिया राज का विस्तार बिहार के छह और उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में था। बंगाल में भी एक भवन था। एक अप्रैल, 1897 से कोर्ट ऑफ वार्ड के अधीन बेतिया राज की संपत्ति को पहले अंग्रेजों ने लूटा, जो बच गया उसे अधिकारियों, राज के कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों ने।
हाल ही में बिहार की नीतीश सरकार ने बेतिया राज संपत्ति विधेयक 2024 पारित कर दिया है, जिसके बाद से अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई है।
वर्षों से जमे अतिक्रमणकारी मकान बनाकर सभी सरकारी विकास सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। लीज से लेकर अन्य जमीन संबंधी फर्जी कागजात बनवा रखे हैं। उन्हें हटाना आसान नहीं होगा।
बिहार में बेतिया राज की 15 हजार 215 एकड़ जमीन
बिहार में बेतिया राज की करीब 15 हजार 215 एकड़ तो उत्तर प्रदेश (यूपी) में 143.26 एकड़ जमीन है। यूपी में कुशीनगर में 61.16 एकड़, गोरखपुर 50.92 एकड़, वाराणसी में 10.13 एकड़, महराजगंज में 7.53 एकड़, बस्ती में 6.21 एकड़, प्रयागराज में 4.54 एकड़, अयोध्या में 1.86 एकड़ और मिर्जापुर में 0.91 एकड़ जमीन है।
9800 एकड़ पर अतिक्रमण है, बहुत सी जमीन पर लोगों ने मकान बनवा लिए हैं। दूसरी ओर, बिहार में बेतिया राज के मंदिरों की संख्या 52 है तो उत्तर प्रदेश में चार। मंदिरों की जमीन भी अतिक्रमण का शिकार है। यहां वर्षों से अतिक्रमणकारी जमे हैं।
न्यायालय में जा सकता है मामला
बिहार राज्य राजस्व पर्षद के चेयरमैन केके पाठक बेतिया राज की संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कर सरकार के कब्जे में लेने के लिए सख्त हैं, लेकिन यह राह आसान नहीं है। मामला न्यायालय में जा सकता है।
वर्षों से जो लोग बेतिया राज की भूमि पर काबिज हैं, वे बेदखली से बचने के लिए कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं। सरकार की ओर से बेतिया राज की शहर के आसपास की भूमि को बियाडा को देने की भी योजना है।
बेतिया राज की संपत्ति से आय अर्जित करने के मामले में राज प्रबंधन की कार्यशैली भी बेमिसाल है। वर्ष 2011-12 में खेती योग्य भूमि लीज पर एक वर्ष के लिए देने के लिए रेंट निर्धारित किया गया था। उसके बाद महंगाई बढ़ती गई, लेकिन उस रेंट में कोई संशोधन नहीं किया गया।
सामान्य किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ एवं बेतिया राज के कर्मचारियों को तीन हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से बेतिया राज की खेती योग्य भूमि एक वर्ष के लिए लीज पर दी जाती है।
बिहार के बेतिया राज की भूमि
- पश्चिम चंपारण : 9758.72 एकड़
- पूर्वी चंपारण: 5320.51 एकड़
- सारण : 88.41 एकड़
- गोपालगंज : 35.58 एकड़
- सिवान: 7.29 एकड़
- पटना : 4.81 एकड़
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