PMCH के 4 डॉक्टरों पर एक्शन, सामने आई बड़ी वजह; रजिस्टर की जांच हुई तो सन्न रह गए अधिकारी
पटना में चिकित्सा अधीक्षक ने पीएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी से गायब रहने वाले चार चिकित्सकों को नोटिस दिया है। इसमें एक रेजिडेंट का एक दिन के वेतन काटने का भी आदेश दिया है। चिकित्सा अधीक्षक ने गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर प्राचार्य को पत्र लिखा है।
जागरण संवाददाता, पटना। चिकित्सा अधीक्षक ने सुबह-सुबह पीएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी से गायब रहने वाले चार चिकित्सकों को नोटिस दिया है। इसमें एक रेजिडेंट का एक दिन के वेतन काटने का निर्णय लिया गया।
गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर चिकित्सा अधीक्षक ने प्राचार्य को पत्र लिखा है। बताया जाता है कि अधीक्षक ने सुबह के 9:40 बजे पीएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का औचक निरीक्षण किया। उस समय तक एक भी चिकित्सक अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। सभी ड्यूटी से गायब थे।
अस्पताल के बाहर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी थी। अधीक्षक ने ड्यूटी रजिस्टर की जांच की। जिनकी ड्यटी थी, उनको अनुपस्थित कर दिया। एक रेजिडेंट का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया, जबकि अन्य पर कार्रवाई के लिए प्राचार्य को पत्र लिखा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बरबीघा रेफर अस्पताल की सराहना की
वहीं, दूसरी ओर बरबीघा में रविवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बरबीघा रेफरल अस्पताल की तस्वीर को इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए अस्पताल की खूब सराहना की है।
उन्होंने इस अस्पताल को शानदार और चमचमाता हुआ अस्पताल बताते हुए कहा कि यह अपनी उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। उन्होंने लिखा यह अस्पताल बिहार की बदलती और विकसित होती तस्वीर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सुधारों को देखकर कुछ लोग बौखला रहे हैं और फालतू की बयानबाजी कर रहे हैं। क्योंकि वे बिहार के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इधर स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा रेफरल अस्पताल की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की खबर से पूरे अस्पताल प्रशासन में खुशी की लहर देखी जा रही है।
अस्पताल कर्मी मनोज सोलंकी, प्रबंधक त्रिलोकी नाथ सहित अन्य कर्मियों ने बताया कि अस्पताल के प्रभारी डॉ. फैसल अरशद की मेहनत और लगन से यह बदलाव संभव हो पाया है। उनकी कड़ी मेहनत और बेहतर प्रबंधन की बदौलत अस्पताल में स्वच्छता, आधुनिक सुविधाएं और मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किया जिसका असर अब साफ दिख रहा है। रेफरल अस्पताल में कार्यरत डॉ. आनंद, डॉ. रचिता सहित अन्य कर्तव्य निष्ठ चिकित्सा एवं चिकित्सा कर्मी के कारण अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह अस्पताल आज पूरे जिले भर का नजीर पेश कर रहा है।
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