जागरण संवाददाता, पटना। जिला प्रशासन द्वारा बीपीएससी को सौंपी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षार्थी के रूप में कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा में शामिल थे। उनका एक ग्रुप परीक्षा भवन के बाहर भी मौजूद था। वह बाहर हंगामा करने पर आतुर थे।
परीक्षा निरस्त करने का दबाव
- कुछ अभ्यर्थियों ने अतिरिक्त केंद्राधीक्षक को घेरकर परीक्षा निरस्त होने की घोषणा करने के लिए दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
- कुछ परीक्षार्थी तोड़फोड़ एवं अन्य प्रकार से व्यवधान उत्पन्न करने की ठान चुके थे ताकि किसी तरह परीक्षा निरस्त हो जाए।
जिम्मेदारोंं पर कड़ी कार्रवाई
- रिपोर्ट में जिम्मेदार परीक्षार्थियों एवं उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई के साथ हत्या का मुकदमा भी दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।
- बापू परीक्षा केंद्र के अतिरिक्त केंद्राधीक्षक रहे अरवल जिले के गोदानी कालेज के 58 वर्षीय प्रो. रामइकबाल सिंह की हंगामे के दौरान हृदयाघात से मौत हो गई थी।
- इस प्रकरण में कुछ कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच की आवश्यकता बताई गई है।
- बापू परीक्षा परिसर में 12 हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। इनमें से पांच हजार 671 प्रश्नपत्रों के ओएमआर शीट जमा कराए गए हैं।
- परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के इधर-उधर घूमते हुए भी वीडियो प्रसारित हुए हैं। उनकी भी जांच की जा रही है।
प्रत्येक तल हो अलग-अलग केंद्र
जांच रिपोर्ट में बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा संचालन से संबंधित सुझाव भी दिए गए हैं। बापू परीक्षा परिसर में हजारों परीक्षार्थी शामिल होते हैं। कुशल प्रबंधन के लिए प्रत्येक तल को परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित करते हुए अलग-अलग केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी आदि प्रतिनियुक्ति की जानी चाहिए।
जिला प्रशासन की अनुशंसा पर ही बापू परीक्षा परिसर अथवा अन्य केंद्रों को परीक्षा के लिए चयनित किया जाए। केंद्राधीक्षक तथा वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी जिला प्रशासन की देखरेख में हो, ताकि बेहतर समन्वय एवं अनुश्रवण से परीक्षा संपन्न कराई जा सके।
बापू परीक्षा परिसर के ध्वनि विस्तारक यंत्र की गुणवत्ता बढ़ाने की भी अनुशंसा की गई है। हंगामे के दौरान उत्तम गुणवत्ता के ध्वनि विस्तारक यंत्र के अभाव में परीक्षार्थियों को संबोधित करने तथा भीड़ प्रबंधन में समस्या का सामना करना पड़ा था।
वीडियो फुटेज हुए सार्वनिक
बीपीएससी की एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान बापू परीक्षा परिसर, कुम्हरार में प्रश्नपत्र का पैकेट लेकर भागते और दूसरे की ओएमआर शीट छीनते हुए अभ्यर्थियों को जिला प्रशासन ने चिह्नित कर लिया है।
इससे संबंधित वीडियो फुटेज रविवार को सार्वजनिक किए गए हैं। इसमें कई अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष के टेबल पर रखे प्रश्नपत्र के पैकेट साथ लेकर जाते दिखे हैं।
मुख्य द्वार पर भी प्रश्नपत्र के पैकेट लहराते हुए अभ्यर्थी दिख रहे हैं। वहीं, एक वीडियो फुटेज में शांतिपूर्ण प्रश्नों को हल कर रहे अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र छीन रहे हैं। इस दौरान बीच-बचाव के लिए आगे आए वीक्षकों को भी उनके गुस्से का शिकार होना पड़ा है।
जिला प्रशासन ने बापू परीक्षा परिसर से संबंधित जांच रिपोर्ट रविवार को बीपीएससी को सौंप दी है। आयोग के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि 13 दिसंबर की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा अवधि में हंगामा किया गया एवं परीक्षा को बाधित करने की कोशिश की गई।
पटना के जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट रविवार को प्राप्त हो गई है। जिस पर निर्णय के लिए सोमवार को आयोग कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
संभावना है कि हंगामा करने वालों की हत्या की प्राथमिकी की अनुशंसा की जाए, क्योंकि परीक्षा केंद्र के अतिरिक्त केंद्राधीक्षक की हंगामे के दौरान ही हृदयाघात से मौत हो गई थी।
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