Nitish Government: जिन ईंट-भट्ठों के पास सीटीई-सीटीओ नहीं वे होंगे बंद, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला
बिहार सरकार ने ईंट-भट्ठों पर सख्ती बढ़ा दी है। जिन ईंट-भट्ठों के पास सीटीई-सीटीओ नहीं हैं उन्हें बंद करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने भट्ठों को चिह्नित करते हुए उन्हें बंद करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि भू-तत्व विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में दो दिन समीक्षा बैठक हुई है। जिसमें यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सीमा में संचालित ईंट-भट्ठों की अनियमितता को देखते हुए सरकार सख्त हो गई है। समीक्षा बैठक में सरकार के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि सैकड़ों ईंट-भट्ठे ऐसे हैं जो समय पर टैक्स नहीं देते। अनेक ऐसे भी हैं, जिनके पास इन्हें स्थापित करने और संचालित करने की अनुमति भी नहीं।
बावजूद प्रदेश की सीमा में चल रहे हैं। जिसे देखते हुए सरकार ने भट्ठों को चिह्नित करते हुए उन्हें बंद करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
खान एवं भू-तत्व विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में पिछले दिनों विभाग की समीक्षा बैठक में ईंट भट्ठों की समीक्षा के क्रम में नीलाम वाद से लेकर, भट्ठों पर बकाया राशि, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से जारी होने वाले सीटीई (कंसेंट टू स्टैब्लिस्ट) और सीटीओ (कंसेंट टू आपरेट) समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।
जिसके बाद खनिज विकास पदाधिकारियों को नियमित ईंट-भट्ठों के निरीक्षण के साथ ही बकाया राशि का आकलन और वसूली, राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
ऐसे ईंट-भट्टों को किया जाएगा बंद
इसी क्रम में यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जिन ईंट-भट्ठों के पास सीटीई (कंसेंट टू स्टैब्लिस्ट) और सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) अनुमति नहीं वैसे भट्ठों को चिह्नित करते हुए उन्हें बंद किया जाए और इसकी रिपोर्ट मासिक रूप से सरकार को मुहैया कराई जाए। बता दें कि प्रदेश में साढ़े छह हजार से अधिक भट्ठे संचालित हैं। जिनमें से सैकड़ों पर अनियमितता कर संचालित करने के आरोप हैं।
खान एवं भू-तत्व विभाग का पटना अंचल राजस्व संग्रह में अग्रणी
खान एवं भू-तत्व विभाग ने नवंबर के लिए वित्त विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 175 करोड़ के विरूद्ध 134.85 करोड़ का अधिक राजस्व संग्रह करते हुए कुल 309.85 करोड़ का राजस्व संग्रह किया है। इस मामले में पटना अंचल टाप पर रहा। पटना अंचल ने इस अवधि में 186.74 करोड़ का राजस्व संग्रह किया। भवन निर्माण विभाग ने सोमवार को राजस्व संग्रह की मासिक रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट के अनुसार पटना अंचल के बाद दूसरे नंबर पर मगध अंचल रहा। मगध से 64.07 करोड़, मुंगेर से 15.30 करोड़, तिरहुत अंचल से 14.63 करोड़, दरभंगा से 7.74 करोड़, पूर्णिया से 7.53 करोड़, सारण से 5.42 करोड़ और जबकि कोसी से 4.28 करोड़ और भागलपुर अंचल से 4.11 करोड़ का राजस्व संग्रह प्राप्त किया गया।
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