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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सजा के बाद बेचैनी में कटी लालू की रात, अब इस कारण बन रही पैरोल की उम्‍मीद

By Amit AlokEdited By:
Published: Sun, 07 Jan 2018 09:29 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 07 Jan 2018 11:35 PM (GMT+05:30)

चारा घोटाला में सजा मिलने के बाद लालू की जेल में पहली रात बेचैनी में कटी। इस बीच रविवार को ...और पढ़ें

सजा के बाद बेचैनी में कटी लालू की रात, अब इस कारण बन रही पैरोल की उम्‍मीद
सजा के बाद बेचैनी में कटी लालू की रात, अब इस कारण बन रही पैरोल की उम्‍मीद

पटना/ रांची [जेएनएन]। चारा घोटाला के एक मामले में साढ़े तीन साल की सजा मिलने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जेल में पहली रात बेचैनी में कटी। शाम से देर रात उन्‍होंने केवल एक रोटी खाई। लालू आज सुबह जल्‍दी उठ गए। अब वे जेल में बागवानी कर प्रतिदिन 93 रुपये की मजदूरी कमाएंगे। इस बीच लालू प्रसाद यादव की बड़ी बहन की मौत के कारण उनके पैरोल की उम्‍मीद बन रही है।

शनिवार की शाम रांची की विशेष सीबीआइ अदालत ने राजद सुप्रीमो को चारा घोटाला के एक मामले में साढ़े तीन साल की सजा दी। बताया जाता है कि इसके बाद लालू मायूस दिखे। शाम में उन्‍होंने चाय नहीं पी, नाश्ता भी नहीं किया। रात में खाने के लिए उनकी इच्‍छा के अनुसार अरहर दाल व मिक्‍स भेज की सब्‍जी बनाई गई। उन्‍होंने देर रात केवल एक रोटी खाई।

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जेल में लालू को अब जेल मैन्‍युअल के अनुसार सजायाफ्ता कैदी की तरह रहना होगा। उन्‍हें प्रतिदिन सुबह 5.30 बजे तक उठना, लाइन लगकर गिनती कराना व खाना लेना होगा। खुद अपने बर्तन धोने होंगे। हर दिन उन्‍हें निर्धारित घंटे काम करना होगा।

लालू का सजावार कैदी के रूप में जेल मैन्‍युअल के अनुसार आज पहला दिन है। इसके अनुसार वे आज सुबह जल्‍दी उठे। लालू अपनी इच्‍छानुसार जेल में माली का काम करेंगे। जेल प्रशासन ने उनकी बागवानी करने की इच्‍छा मान ली है। इसके लिए उन्‍हें रोजाना 93 रुपये मिलेंगे।

हालांकि, इसकी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन संभव है कि लालू प्रसाद यादव को सोमवार को हजारीबाग की ओपन जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। वे अपनी सजा यहीं काटेंगे। 

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लालू के जेल जाने के सदमे में बहन की मौत

इस बीच लालू रविवार को लालू की बड़ी बहन गंगोत्री देवी की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उनकर निधन लालू को सजा मिलने के कारण सदमे में हुई है। घटना के बाद लालू प्रसाद के वकील उनके पैरोल के लिए कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे इकलौती बहन के अंतिम संस्‍कार में शामिल हो सकें।

विदित हो कि लालू प्रसाद यादव की इकलौती बहन गंगोत्री देवी पटना के वेटनरी कॉलेज स्थित उसी सर्वेंट क्वार्टर में रहतीं थीं, जिसमें 1990 में मुख्‍यमंत्री बनने के बाद रहकर लालू प्रसाद ने छह महीने तक सरकार चलाई थी। गंगोत्री देवी के तीन बेटों में एक की मौत हो चुकी है, जबकि शेष दो बिहार पुलिस व रेलवे में नौकरी करते हैं। वे लालू के छह भाइयों में अकेली बहन थीं। वे पहले से बीतार भी चल रहीं थीं।

चारा घोटाला के एक मामले में सोमवार को सीबीआइ की विशेष अदालत ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा दी। इसके पहले अदालत ने लालू को बीते 23 दिसंबर को दोषी करार देकर जेल भेज दिया था। लालू की बड़ी बहन इस घटना से आहत थीं।