पटना/बेतिया, जेएनएन। बिहार के जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो का निधन हो गया। शुक्रवार को दिल्‍ली में उन्‍होंने अंतिम सांस ली। आज सुबह उनका पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री सहित जदयू के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि बैद्यनाथ बाबू जदयू के वरिष्ठ नेता और शुरुआती दिनों से हमारे साथ थे। उनके निधन से आत्मिक दुख हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमने आज एक जुझारू नेता खो दिया। इसके साथ ही सांसद महतो का पार्थिव शरीर जदयू कार्यालय भी लाया गया। बाद में यहां से उनके पैतृक गांव नौतन भेजा गया। 

दिल्‍ली एम्‍स में कराया गया था भर्ती

बताया जाता है कि वे इन दिनों बीमार थे और दिल्‍ली एम्‍स में उनका इलाज चल रहा था।  उन्‍हें 11 फरवरी को दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से बिहार में शोक की लहर छा गयी है। संसदीय क्षेत्र के लोग भी गम में डूब गए हैं। महतो राजनीतिक जीवन में दो बार सांसद तथा दो बार विधायक रहे थे। राजनीति में आने से पहले बैंक की नौकरी में थे। नौकरी से इस्‍तीफा देने के बाद राजनीति में आए थे। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने वाल्मीकिनगर के सांसद व पूर्व मंत्री बैद्यनाथ महतो के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्‍हाेंने अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से कराए जाने का निर्देश दिया है। उधर, महतो के निधन से बिहार के राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है।

जदयू कार्यालय में पार्थिव शरीर पर किया गया माल्यार्पण 

दिवंगत सांसद बैद्यनाथ महतो का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह जदयू प्रदेश कार्यालय लाया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्यों, सांसद व विधायकों ने इस मौके पर बैद्यनाथ महतो के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो हमारे पुराने साथी थे। जिस समय समता पार्टी का गठन हुआ था, उसी समय से वे काफी सक्रिय थे। उनके इलाके में उस समय जो हिंसक घटनाएं हो रही थीं, उसके खिलाफ वे नियमित रूप से अभियान चलाते थे।

नीतीश बोले, पार्टी के लिए मन से काम करते थे बैद्यनाथ महतो

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो की काफी लोकप्रियता थी। वर्ष 2005 में जब हमलोगों की सरकार बनी तब वह ग्रामीण विकास मंत्री बने और उस क्षेत्र में उन्होंने बढिय़ा काम किया। सांसद बनने के बाद भी वह पार्टी का काम पूरे मन से करते रहे। जिलाध्यक्ष बनकर भी उन्होंने पार्टी का काम संभाला था। वह पुन: इस बार भी सांसद बने। व्यक्ति कब तक रहेगा और कब चला जाएगा, इसके बारे में कोई सोच नहीं सकता और न ही कह सकता है। एम्स में उनका इलाज डॉक्टरों की टीम द्वारा बेहतर ढंग से किया जा रहा था। हमारी भी उन लोगों से बातचीत होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ महतो को न सिर्फ पार्टी के लोग याद रखेंगे, बल्कि उन्हें राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ सभी प्रकार के लोग याद रखेंगे। उनका सभी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रहा है।

मंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक ने दी श्रद्धांजलि 

पार्टी दफ्तर में जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामचंद्र प्रसाद सिंह, रामनाथ ठाकुर, चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, उद्योग मंत्री श्याम रजक, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी व प्रो. रणवीर नंदन भी मौजूद थे।

निधन चंपारण के लिए अपूरणीय क्षति

इस संबंध में जदयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा ने सांसद के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि चंपारण ने आज एक विकास पुरुष को खो दिया। उनका निधन चंपारण के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से बीमार थे तथा दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। सांसद के प्राइवेट सचिव शिवजी प्रसाद ने बताया कि सांसद अब नहीं रहे। उनके निधन से गहरा झटका लगा है। 

बताया जाता है कि जदयू सांसद बैद्यनाथ महतो की तबीयत दो सप्‍ताह पहले कुछ ज्‍यादा बिगड़ गयी थी। तब उन्‍हें आनन-फानन में दिल्‍ली एम्‍स में एडमिट कराया गया था। तबीयत में सुधार नहीं होने की वजह से उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार की शाम उन्‍होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।

दो बार सांसद व दो बार विधायक बने थे

गौरतलब है कि बैद्यनाथ प्रसाद महतो का जन्म 1947 में दो जून को हुआ था। पश्चिमी चंपारण जिले में जन्‍म लेने वाले महतो राजनेता के तौर पर वर्ष 2009 में लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वे फिर 2019 में वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से जदयू के टिकट पर चुनाव जीते और सांसद बने। उन्‍होंने कांग्रेस उम्‍मीदवार शाश्वत केदार को पराजित किया था।

दो बार सांसद रहने वाले बैद्यनाथ महतो दो बार विधायक भी रहे थे। उन्‍होंने दोनों बार नौतन विधानसभा से जीत दर्ज की थी। 2005 से 2008 तक बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे। उन्‍होंने 2000 में पहली बार विधायक बने थे। राजनीति में आने से पहले महतो बेतिया में 1992 से लेकर 1995 तक राष्ट्रीय सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात थे। 

तीन साल तक मंत्री भी रहे

मूलरूप से नौतन प्रखंड के पकडिय़ार के रहने वाले बैद्यनाथ महतो सांसद बनने से पहले दो बार नौतन विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2000 में वे पहली बार विधायक बने। फिर वर्ष 2005 में विधायक चुने गए और 2008 तक बिहार सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे।

उसके बाद 2009 में वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर जदयू की ओर से चुनाव लड़े और निर्दलीय प्रत्याशी फखरुद्दीन को हराया। उस समय लोकसभा में जदयू के मुख्य सचेतक भी रहे। 2014 के चुनाव में उनको हार मिली। दूसरी बार 2019 में जदयू ने वाल्मीकिनगर से उन्हें फिर लोकसभा का उम्मीदवार बनाया। चुनाव जीते। वर्तमान में वे संसद में जदयू के उपनेता थे। वे पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रहे। 

दियारा में दस्यु सरगनाओं के खिलाफ जमकर लिया था लोहा 

जिला जदयू के अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि तीन भाइयों में सबसे बड़े सांसद के निधन की खबर जैसे ही बेतिया पहुंची शोक की लहर दौड़ गई। उनके मंझले भाई की मौत करीब दो वर्ष पहले हो चुकी है। सांसद को तीन पुत्र और एक पुत्री हैं।

करीब तीन दशक पहले जिले के दियारा में दस्यु सरगनाओं के दौर में बैद्यनाथ महतो ने उनके खिलाफ जमकर लोहा लिया था। ग्राम रक्षा दल का गठन करने के साथ लोगों को डकैतों के खिलाफ एकजुट करने का काम किया था। उस दौरान जुझारू नेता के रूप में उभरे थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजनीतिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

 उनके निधन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, प्रदेश जदयू उपाध्यक्ष डॉ. एनएन शाही, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज आलम, जदयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा, प्रदेश संगठन सचिव नंद किशोर चौधरी सहित अन्य ने शोक जताया है। 

महतो का निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति : वशिष्ठ 

जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो के निधन पर जदयू शोकाकुल है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि बैद्यनाथ महतो के निधन से जदयू को अपूरणीय क्षति हुई है। महतो के निधन पर भाजपा नेताओं ने भी शोक जताया है। उधर, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बैद्यनाथ महतो का निधन पूरे प्रदेश के लिए क्षति है। उनका लंबा संसदीय जीवन समाज के गरीब तबके की राजनीति में रोल मॉडल रहेगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी बैद्यनाथ महतो के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। पूर्व जदयू सांसद मीना सिंह, विधान परिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, राष्ट्रीय सचिव रवींद्र प्रसाद सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, परमहंस कुमार, चंदन कुमार सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह व राज्य खाद्य आयोग के सदस्य नंदकिशोर कुशवाहा ने शोक व्यक्त किया है। 

इन नेताओं ने भी जताया शोक

इधर, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान सचिव एजाज अहमद समेत अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने महतो को एक सफल राजनेता बताया और कहा कि वे हमेशा गरीबों के हित के लिए काम करते रहे। उनके निधन से हुई अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं हो सकती है। 

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Edited By: Rajesh Thakur