यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: नीतीश को पसंद नहीं आया अपने ही सांसद का बयान, JDU ने भेजा कारण बताओ नोटिस
जदयू ने सांसद गिरधारी यादव को मतदाता सूची पुनरीक्षण और ईवीएम पर दिए गए बयान के लिए कारण बताओ नोटिस ...और पढ़ें

HighLights
- सांसद गिरधारी यादव को जदयू का नोटिस
- 15 दिनों में मांगा गया जवाब
राज्य ब्यूरो, पटना। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) व ईवीएम के विरोध में जदयू के बांका सांसद गिरधारी यादव द्वारा दिए गए वक्तव्य को जदयू नेतृत्व ने काफी गंभीरता से लिया है। सांसद गिरधारी यादव को पार्टी ने इस मसले पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस का जवाब 15 दिनों के अंदर मांगा गया है। ऐसा नहीं करने पर सांसद के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की बात कही गयी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान द्वारा कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
गिरधारी यादव को भेजे गए कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि एसआईआर के खिलाफ उनके द्वारा दिए गए वक्तव्य कई अखबारों में आए हैं। उन्हें यह पता है कि संविधान की धारा 324 और रिप्रजेंटेशन आफ द पीपुल एक्ट 1950 के तहत चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची का एसआईआर कराया जा रहा।
उन्हें यह भी पता है कि कुछ विपक्षी दलों द्वारा अवसाद तथा अपने चुनावी फलाफल की चिंता में एसआईआर के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा। उनका एकमात्र उद्देश्य इस मसले पर संवैधानिक संस्था के प्रति लोगाें में संशय पैदा करना है।
जदयू ने पूरी ताकत के साथ लगातार चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर तथा ईवीएम के समर्थन में अपनी बात रखी है। जिस समय जदयू आईएनडीआईए में था उस समय भी पार्टी का यही स्टैंड था।
सांसद को भेजे गए कारण बताओ नोटिस में यह कहा गया है कि चुनावी वर्ष में उनके द्वारा ईवीएम जैसे संवेदनशील मसले पर दिया गया वक्तव्य से न सिर्फ पार्टी को शर्मिंदा किया है, बल्कि अनजाने मे पार्टी की साख पार्टी पर असर डाला है। जदयू के तय विचार के खिलाफ आपके विचार अनुशासनहीनता की परिधि में है।
