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    Bihar News: जननायक पुस्तकालय प्रवेश परीक्षा की डेट बदली,अब 26 मार्च को होगी परीक्षा

    Updated: Thu, 13 Mar 2025 03:43 PM (IST)

    जननायक पुस्तकालय एवं राज्य डिजिटल अध्ययन केंद्र पटना में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा की तिथि बदल दी गई है। पहले यह परीक्षा 23 मार्च को होनी थी लेकिन अब यह 26 मार्च को आयोजित की जाएगी। बिहार दिवस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण यह बदलाव किया गया है। परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

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    बिहार दिवस की वजह से बदली जननायक पुस्तकालय प्रवेश परीक्षा की डेट

    राज्य ब्यूरो, पटना। पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा पटना स्थित जननायक पुस्तकालय एवं राज्य डिजिटल अध्ययन केंद्र में प्रवेश के लिए 26 मार्च को परीक्षा आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह परीक्षा 23 मार्च को निर्धारित थी। बिहार दिवस समारोह में पदाधिकारियों और कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण परीक्षा की तारीख में संशोधन किया गया है।

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    विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, प्रवेश पत्र अगले दो-तीन दिनों में जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। नया सत्र एक अप्रैल 2025 से शुरू होगा।

    150 अंकों की होगी परीक्षा

    विभाग के प्रवक्ता के अनुसार परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी, जिसमें वस्तुनिष्ठ और सब्जेक्टिव प्रश्न शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। कुल 100 अंक की परीक्षा होगी। गलत उत्तर पर अंक नहीं कटेंगे।

    कुल 15 सब्जेक्टिव प्रश्न होंगे, जिनमें से उम्मीदवारों को 10 प्रश्नों का उत्तर देना होगा। प्रत्येक प्रश्न पांच अंकों का होगा। परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी।

    परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे समाप्त होगी। उम्मीदवारों को उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक (60 अंक) प्राप्त करना अनिवार्य है।

    परैया : पंचायत स्तर पर खुलेंगे पुस्तकालय

    पुस्तक प्रेमियों के लिए ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। सभी पंचायत में एक लाइब्रेरी बनना है। लंबे समय से पुस्तक प्रेमियों की समस्या थी, जिसके समाधान के लिए शानदार पहल शुरू की गई है। हर पंचायत में आम जनता के लिए लाइब्रेरी खुलेगी।

    पंचायती राज विभाग के अपर सचिव ने इसके लिए पत्र जारी किया है। विभाग द्वारा जारी पत्र में यह बताया गया है कि पष्टम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक लाइब्रेरी खोलने का प्रावधान है।

    15वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों द्वारा यूनाइटेड निधि से पंचायत भवनों या पंचायत सरकार भवनों में इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विधिवत गाइडलाइन भी विभाग द्वारा जारी कर दी गयी है।

    लाइब्रेरी में बिहारी लेखक की रहेगी 50 प्रतिशत पुस्तकें

    • लाइब्रेरी में राज्य के लेखकों की 50 प्रतिशत पुस्तकें होंगी, इसके लिए पंचायती राज विभाग ने अनुशंसित पुस्तकों व लेखकों की सूची भी जारी कर दी है। विभाग के निर्देशानुसार लाइब्रेरी में 50 प्रतिशत पुस्तकें राज्य के प्रसिद्ध लेखकों की होंगी।
    • 40 प्रतिशत पुस्तकें देश के अन्य लेखकों की होंगी। 10 प्रतिशत पुस्तकें अन्य भाषाओं के लेखकों की होंगी। लाइब्रेरी में साहित्य के पुस्तकों की प्रधानता होगी। विभाग द्वारा साहित्य के किताबों पर ही सबसे अधिक राशि खर्च करने का निर्देश दिया गया है।

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