यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IAS Sanjeev Hans: आईएएस संजीव हंस और ठेकेदार रिशु के खिलाफ नया मुकदमा, SUV को पता चली अंदर की बात!
आईएएस संजीव हंस और ठेकेदार रिशु की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही जेल ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस संजीव हंस (IAS Sanjeev Hans) की मुश्किलें समय के साथ बढ़ती ही जा रही हैं। पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय की जांच और कार्रवाई के बाद जेल में बंद हंस और उनके सहयोगी रिशू रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के खिलाफ विशेष निगरानी (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) ने प्राथमिकी दर्ज की है।
हंस पर विशेष निगरानी की यह दूसरी प्राथमिकी है। इसके पहले ईडी की अनुशंसा पर विशेष निगरानी में संजीव हंस समेत 13 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी की दर्ज की थी।
रिशु की आईएएस लॉबी में विशेष पकड़
एसवीयू के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की दूसरी अनुशंसा के बाद हंस व रिशु के खिलाफ अब विशेष निगरानी ने गुरुवार को नया मुकदमा कायम किया है। रिशु बिहार में रहकर ठेकेदारी करता है। आईएएस लॉबी के साथ विभिन्न सरकारी महकमों में उसकी विशेष पकड़ है।
2.75 करोड़ रुपये हुए थे बरामद
पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। इस कार्रवाई में पौने तीन करोड़ रुपए से अधिक नकद बरामद किया गया था। इस मामले की पड़ताल के दौरान भी रिशु श्री का नाम सामने आया था।
ईडी को अपनी जांच के दौरान यह प्रमाण मिले की रिशु रंजन सिन्हा संजीव हंस के लिए विभिन्न कंपनियों के बीच होने वाले लेनदेन में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। जांच में पाया गया था कि रिशु श्री के करीब एक दर्जन अधिकारियों से नजदीकी संबंध हैं अधिकतर अधिकारी निर्माण कराने वाले विभाग में है तैनात हैं।
कुछ दिनों पूर्व ही ईडी ने प्रमाण मिलने के बाद हंस और रिशु के खिलाफ मुकदमे की अनुशंसा गृह विभाग से की थी। ईडी की अनुशंसा के बाद सरकार ने कार्रवाई के पूर्व महाधिवक्ता कार्यालय से मंतव्य मांगा था। अब जबकि महाधिवक्ता कार्यालय की हरी झंडी मिली तो विशेष निगरानी ने हंस और रिशु श्री के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की है।
