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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर चल रहा था बड़ा 'खेल', कीमत तय कर 4 साल तक काटी मौज; ऐसे हुआ भंडाफोड़

Published: Sun, 22 Dec 2024 09:33 PM (GMT+05:30)

चोरी की गाड़ियों को पटना और आसपास के जिलों में बेचा जा रहा है न कि दूसरे राज्यों में या ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. मोबाइल दुकानदार ने 25 हजार में खरीदी थी चोरी की बाइक, भट्टाचार्या रोड में लगवाया था नंबर प्लेट
  2. मशीन से तैयार करते थे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, तीन दुकानदार गिरफ्तार, दो की तलाश
  3. 244 हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, आइएनडी नंबर प्लेट बनाने वाली एक मशीन और अन्य उपकरण बरामद

जागरण संवाददाता, पटना। चोरी की अधिकांश गाड़ियां न तो दूसरे राज्यों में बेची जा रही हैं और न ही गैराज में भेजा रहा है। इन गाड़ियों को पटना और आसपास के जिलों में बेच दिया जा रहा। चोरी की गाड़ी कैमरों और पुलिस की पकड़ में नहीं आए, इसके लिए वह फर्जी हाई सिक्योरिटी आइएनडी नंबर प्लेट लगा रहे हैं।

चित्रगुप्तनगर थाने की पुलिस ने फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले तीन दुकानदारों को भट्टाचार्या रोड से गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 244 हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, आइएनडी नंबर प्लेट बनाने वाली एक मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। इनमें अधिकांश अर्धनिर्मित हैं।

सात सौ में बेच देते थे नंबर प्लेट

  • तीनों से पूछताछ में पता चला कि यह तीन-चार साल से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार कर सात सौ में बेच देते थे। तीनों दुकानदारों की गिरफ्तारी के बाद दो अन्य दुकानदार फरार हो गए।
  • उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जिस बाइक के जरिए पुलिस तीनों दुकानदारों तक पहुंची उसके चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। इमसें एक नाबालिग है।
  • एचएचडी मशीन से हुई जांच में सामने आया मामला चित्रगुप्तनगर थाने की पुलिस ने शनिवार की शाम वाहन जांच के दौरान बाइक सवार अविनाश कुमार और एक नाबालिग को रोका।
  • दोनों के पास वाहन के कागजात नहीं थे। बाइक पर आइएनडी नंबर प्लेट था।

एचएचडी मशीन से की गई जांच

संदेह होने पर पुलिस एचएचडी मशीन से बाइक के चेचिस नंबर की जांच की। पता चला कि दोनों नंबर अलग-अलग हैं। चेचिस नंबर की जांच में असली वाहन मालिक की पहचान नालंदा के नूरसराय निवासी चंद्रमणि कुमार के रूप हुई।

उनसे संपर्क करने पर बताया कि इस वर्ष 27 अगस्त को उनकी बाइक चोरी हो गई थी और इस मामले में उन्होंने नूरसराय थाने में केस किया था। इंस्टाग्राम पर देखा था बाइक, नंबर व साक्ष्य जुटाने पर दबिश अविनाश ने बताया कि उसके पास भी पहले आर-15 एम बाइक थी, जो चोरी हो गई। फतुहा में इसका मोबाइल दुकान है।

दशहरा में दुकान पर आए एक युवक से उसने 25 हजार आर-15 एम बाइक खरीदी थी। इसी बीच इंस्टाग्राम पर उसने उसी माडल की एक बाइक देख उसका नंबर नोट किया था। फिर वह भट्टाचार्या रोड में नंबर प्लेट की दुकान पर पहुंचा, जहां उससे सात सौ रुपये लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट दे दिया गया।

उसके बाद पुलिस भट्टाचार्या रोड पर एक साथ तीन नंबर प्लेट की दुकानों पर छापेमारी कर दीदारगंज निवासी बैजू कुमार, कदमकुआं निवासी संजय और बाईपास निवासी गुड्डू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान कई दुकानदार फरार हो गए।

दूसरे राज्य और जिले का नंबर करते थे इस्तेमाल

दुकान से बरामद कई नंबर प्लेट पर आइएनडी नंबर और स्टीकर भी लगे हैं। इसमें कुछ झारखंड और दूसरे जिलों के नंबर भी हैं। कई नंबर ऐसे भी मिले, जिसके स्वामी से पूछने पर पता चला कि उनकी बाइक घर पर है।

पूर्व में झपटमारी की घटना में कई बाइक का फुटेज आया था, जिसपर हाई सिक्योरिटी नंबर दिखे थे, लेकिन जांच में वे फर्जी पाए गए।

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