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    ED की बड़ी कार्रवाई: NHAI के पूर्व डीजीएम प्रभांशु शेखर की 2.85 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कहां-कहां है प्रोपर्टी

    By Sunil Raj Edited By: Vyas Chandra
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 06:58 PM (IST)

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के मामले में NHAI के पूर्व उप महाप्रबंधक प्रभांशु शेखर की 2.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की है। यह कार् ...और पढ़ें

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    तत्‍कालीन डीजीएम प्रभांशु शेखर की संपत्‍त‍ि अस्‍थायी रूप से कुर्क।

    राज्य ब्यूरो, पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पटना जोनल इकाई ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तत्कालीन उप महाप्रबंधक (DGM) प्रभांशु शेखर की लगभग 2.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।

    यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बिहार और दिल्ली स्थित फ्लैट व जमीन के अलावा बैंक खातों में जमा राशि, सोना-चांदी के आभूषण और बीमा पाॅलिसियों में किया गया निवेश शामिल है।

    पत्‍नी व अन्‍य स्‍वजनों के नाम संपत्‍त‍ि 

    जांच में सामने आया है कि ये संपत्तियां प्रभांशु शेखर ने अपने नाम के साथ-साथ पत्नी व अन्य परिजनों के नाम पर भ्रष्ट आचरण के जरिए अर्जित की थीं।

    ईडी से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ), एंटी करप्शन ब्यूरो, पटना की दर्ज प्राथमिकी और दायर आरोपपत्रों के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।

    सीबीआइ के आरोप के अनुसार पहली जनवरी 2016 से 23 सितंबर 2022 की अवधि में पटना में पदस्थापन के दौरान प्रभांशु शेखर ने अपने और परिवार के नाम पर करीब 4.07 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की। 

    बिहार में डीजीएम, एनएचएआई के पद पर रहते हुए प्रभांशु शेखर ने मेसर्स अशोका बिल्डकान लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए गलत गए बिल पास किए, माप पुस्तिकाओं में हेरफेर की और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को नजरअंदाज किया।

    एजेंसी को लाभ के लिए गलत ब‍िल क‍िए पास

    इसके बदले भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया। जांच में यह भी पाया गया कि इस अवैध धन का एक हिस्सा सीधे परिवारजनों के बैंक खातों में जमा किया गया।

    जबकि नकद राशि का इस्तेमाल पत्नी के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने और बीमा पालिसी, सोना-चांदी जैसे चल संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।

    ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी कार्रवाई की जा सकती है।