Cyber Crime: 'आपके सिम से बहुत ज्यादा कॉल हुए हैं...' यह सुनते ही काट दें फोन; साइबर ठगी का नया पैंतरा आजमा रहे ठग
साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए हर दिन नए पैंतरे आजमा रहे हैं। इन दिनों लोगों को फोन करके खुद को ट्राई टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) का अधिकारी बताकर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं। लोगों से कहा जाता है कि आपकी सिम 2 घंटे में बंद हो जाएगी इसके बाद उनके कहे नंबर को दबाते ही आपका खाता खाली हो जाता है।
आशीष शुक्ला, पटना। 'हेलो, ट्राई टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) आपको यह सूचना दे रहा है कि आपके फोन नंबर से गैरकानूनी कॉल के कारण आपका मोबाइल नंबर दो घंटे में बंद हो जाएगा। अधिक जानकारी के लिए 9 दबाएं, ग्राहक सेवा के लिए जीरो दबाएं...।'
यह भी कहा जाता है कि आपने सामान्य से अधिक कॉल किए हैं। यह रिकॉर्डेड कॉल आजकल लोगों के मोबाइल पर आ रही है। कई बार यह नंबर अलग-अलग कंट्री कोड से आ रहा है।
गलती से अगर ऐपने फोन रिसीव कर लिया और बताए गए नंबर को डॉयल कर निर्देशों का पालन करते गए तो आप डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के शिकार हो सकते हैं।
यह लोगों को स्वयं ही जाल में फंसने के लिए बाध्य करने की साइबर ठगों की नई चाल है। इस तरह के काल आ रहे है तो इसका भूल से भी संज्ञान नहीं लें। तीन दिन पूर्व ही एक शिक्षक नंबर दबाने के चक्कर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के शिकार हो गए। साइबर थाने की पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
एक नंबर दबाते हुए ठगों के जाल में फंस गए शिक्षक
शास्त्रीनगर निवासी युवक पेशे से शिक्षक हैं। दोपहर करीब 12 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से फोन आया। रिकार्डेड कॉल था। रिसीव करते ही बोला गया कि आपका नंबर दो घंटे में बंद हो जाएगा। इसका कारण जानने के लिए एक दबाएं। वह घबरा गए और एक नंबर दबा दिया।
बताया गया कि उनका नंबर काल ट्राई में लग गया। वहां जिससे बात हुई उसने अपना परिचय दिया और खुद को सीनियर एडवाइजर ऑफ ट्राई दिल्ली बताया।
इंप्लॉई कोड के नाम पर कुछ नंबर बताया। फिर उनसे आधार कार्ड नंबर पूछकर ले लिया और बताया कि इससे एक सिम लिया गया है, जो कि मुंबई में काम कर रहा है। उसका नंबर भी बताया।
सिम कार्ड लेने वाले का पता तिलक नगर मुंबई बताया। सिम कार्ड लेने की तिथि भी बताई। उसने कहा कि उक्त नंबर से फोन कर लोगों को डराया धमकाया जा रहा है। इस नंबर के खिलाफ केस दर्ज है।
ऑनलाइन स्टेटमेंट, वीडियो काल पर पूछताछ
ठगी पूरी तैयारी के साथ काम कर रहे ठगों ने केस दर्ज होने की बात बोलकर कार्रवाई का डर दिखाते हुए उन्हें आगे बातचीत करने को विवश कर दिया। धीरे-धीरे पीड़ित पर दबाव बढ़ाने लगे, फिर नई चाल चलते हैं। उन्हें बताया गया कि आपको मुंबई आना होगा। असमर्थता जताने पर कहा कि मुंबई साइबर ब्रांच में आपका ऑनलाइन बयान लिया जाएगा।
यह कहकर कॉल को साइबर ब्रांच के नाम पर फारवर्ड कर दिया। वहां ऑनलाइन स्टेटमेंट देने के लिए एक वाट्सएप नंबर बताया गया और उसे फोन में सेव करने को कहा गया। फिर अपना नाम तथा राज्य लिखकर भेजने को कहा। पीड़ित ने अपना और राज्य का नाम उक्त नंबर पर भेज दिया।
पुलिसकर्मी बनकर घंटों पूछताछ, खाते में मंगाए 98 हजार
- वाट्सएप नंबर सेव करने के तुरंत बाद उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। उधर से कहा गया कि ऑनलाइन स्टेटमेंट के लिए आप एकांत कमरे में पहुंचकर बात करें।
- वह वैसा ही करते गए, जैसा ठग उनसे कहते गए। वह एक कमरे में बैठ गए, इसके बाद बारी-बारीपांच से छह ठग स्वयं को मुंबई साइबर ब्रांच का अधिकारी बताते हुए उनसे पूछताछ करने लगे।
- उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए डराया गया, धोखाधड़ी में नाम शामिल करने की धमकी दी गई।
- उसी समय उनके नंबर पर एक फर्जी अरेस्ट ऑर्डर का पेपर भेजा गया, इसी डर ने उन्हें तनाव में ला दिया।
- उन्हें इससे बचने के लिए एक बैंक का खाता नंबर भेजा गया और उसमें 98 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही।
- वह डर गए और ठगों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिए, इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
इसी तरह के कॉल इन दिनों आरबीआई के नाम पर भी आ रहे हैं, जबकि इस तरह के कोई भी कॉल RBI से कभी नहीं किए जाते हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (भादूविप्रा) ने पूर्व में इस तरह के कॉल को लेकर अलर्ट किया था।
RBI नहीं करता कॉल
किसी भी दूरसंचार ग्राहक के किसी भी मोबाइल नंबर को ब्लॉक या डिस्कनेक्ट नहीं किया जाता। कभी भी मोबाइल बंद करने के लिए न तो कोई संदेश भेजा जाता है और न कॉल किया जाता है। इसलिए ऐसे कॉल से सावधान रहें।
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