पटना, जेएनएन। कांग्रेस की कद्दावर नेत्री व दिल्‍ली की पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) नहीं रहीं। वे 81 साल की थीं। शीला दीक्षित के निधन से बिहार कांग्रेस में भी शोक की लहर है। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी समेत अन्‍य ने दुख प्रकट किया है और उन्‍हें श्रद्धांजलि दी है। दूसरी ओर शीला दीक्षित के निधन से बिहार का हर कांग्रेसी सकते में है। किसी को विश्‍वास नहीं हो रहा है। वहीं बिहार के वरीय राजद नेता जयप्रकाश नारायण यादव ने उनके अंतिम दर्शन किये। इनके अलावा बिहार के वरीय भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी दिवंगत नेता के अंतिम दर्शन किए।

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सीएम नीतीश ने कहा- प्रख्‍यात नेत्री थीं शीला दीक्षित
सीएम नीतीश कुमार ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरल की पूर्व राज्यपाल शीला दीक्षित के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्‍हाेंने अपने शोक संदेश में कहा है कि शीला दीक्षित एक प्रख्यात राजनेत्री एवं प्रसिद्ध समाजसेवी थीं। वे मृदुभाषी, बेहद मिलनसार एवं लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थीं। दिल्ली के विकास के लिए उन्होंने काफी कार्य किये। उनके निधन से न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। सीएम नीतीश ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 

केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री ने बताया अपूरणीय क्षति
केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री व बिहार भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष नित्‍यानंद राय ने भी शीला दीक्षित के निधन पर संवेदना प्रकट की है। उन्‍होंने उनके निधन को राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्‍होंने कहा कि शीला दीक्षित एक बेहतर मुख्‍यमंत्री रही थीं और उन्‍होंने दिल्‍ली की सीएम के रूप में बेहतर काम किया था। 

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राबड़ी-तेजस्‍वी-तेजप्रताप संग लालू ने भी जताया दुख
बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी समेत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने शीला दीक्षित के निधन को सामाजिक एवं राजनीतिक जगत के साथ कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उनके निधन से देश ने एक योग्य अनुभवी एवं संवेदनशील राज्य नेता को खो दिया है। उन्होंने दिल्ली को विकाश का नया रूप दिया और दिल्ली प्रदेश मे विकास के अनेकों काम किये। वहीं रांची में विधायक भोला यादव ने इस दुःखद घटना की जानकारी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को दी तो उन्‍होंने शीला दीक्षित के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। 

जेपी यादव ने ट्वीट कर जताया दुख
इतना ही नहीं, राजद के वरीय नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जय प्रकाश नारायण यादव ने भी दुख जताया है। वे दिवंगत शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन करने उनके आवास पर गए थे। दिवंगत नेता के परिजनों से मिलकर उन्‍हें सांत्‍वना दी। जयप्रकाश यादव ने कहा कि कांग्रेस के साथ दिल्‍ली ने भी एक जनप्रिय नेता को खो दिया। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि शीला दीक्षित के आकस्मिक निधन से दुखी हूं। देश के लिए यह अपूरणीय क्षति है। दिल्ली के विकास में उनका काफी योगदान रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री सहित देश के कई उच्च पदों को संभालने का काम किया है। सादगी, महिला सशक्तिकरण व विकास की प्रतीक थीं। भावपूर्ण श्रद्धांजलि..!! 

कांग्रेस में भी शोक की लहर
कांग्रेस नेत्री शीला दीक्षित के निधन पर बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ मदन मोहन झा, कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी, कार्यकारी अध्‍यक्ष डॉ समीर कुमार सिंह, युवा कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष मंजीत आनंद साहू समेत अन्‍य नेताओं ने शोक प्रकट किया है। उधर, कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा ने भी राजनीति के लिए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कांग्रेस ही नहीं, देश के लिए यह दुखद खबर है।

केंद्रीय मंत्री पासवान ने भी जताया दुख
उधर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित के निधन पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी श्रद्धांजलि दी है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा है कि शीला दीक्षित जी के आकस्मिक निधन से अत्यंत दुखी हूं। राजधानी दिल्ली के विकास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर इस दु:ख में उनके परिवार को शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि। 

कुशवाहा ने कहा- शीला दीक्षित के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता
रालोसपा प्रमुख व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी दुख प्रकट किया है। कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी के निधन की खबर बेहद दुःखद है। दिल्ली के विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व परिजनों को दुःख सहने की शक्ति दें। 

दिल्‍ली में हार्ट अटैक से हुआ निधन
दिल्‍ली कांग्रेस की अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को शनिवार को तबीयत बिगड़ जाने के बाद एस्‍कॉर्ट अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। उनका पेसमेकर ठीक से काम नहीं कर रहा था। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। हालांकि करीब दस दिनों के इलाज के बाद वे सोमवार को ही अस्पताल से वापस घर लौटी थीं, लेकिन शनिवार को एक बार फिर उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। 

तीन बार बनी थीं दिल्‍ली की सीएम
बता दें कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में ही कांग्रेस ने लगातार तीन पर दिल्ली में सरकार बनाई और वह साल 1998 से 2013 तक लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली के राजनीतिक इतिहास में वह अब तक की सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं। उनका कार्यकाल 15 साल चला और साल 2013 में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से खुद चुनाव हारने और दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद वह मुख्यमंत्री पद से हटी थीं।

Posted By: Rajesh Thakur

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